Rail News: कोटा रेलवे स्टेशन पर सफाई व्यवस्था की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। इस मामले में विजिलेंस विभाग ने स्टेशन के सफाई ठेकेदार के दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आया है कि ठेकेदार कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं दे रहा है और सफाई के लिए जरूरी मशीनों का भी सही से उपयोग नहीं कर रहा है।
क्या है पूरा मामला?
राष्ट्रीय कर्मचारी आयोग की उपाध्यक्ष अंजना पंवार ने जब कोटा रेलवे स्टेशन का दौरा किया तो सफाई कर्मचारियों ने उनसे शिकायत की कि उन्हें ठेकेदार द्वारा पूरा वेतन नहीं दिया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना था कि उन्हें प्रतिदिन 750 रुपये मिलने चाहिए लेकिन उन्हें केवल 350 रुपये ही दिए जा रहे हैं।
विजिलेंस की जांच:
इस शिकायत के बाद विजिलेंस विभाग ने जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि ठेकेदार ने कर्मचारियों के हाजिरी रजिस्टर में गड़बड़ी की है। ठेकेदार कर्मचारियों से 26 दिन का काम ले रहा है लेकिन हाजिरी में केवल 14 दिन की एंट्री कर रहा है। इस तरह ठेकेदार कर्मचारियों को कम वेतन दे रहा है।
स्टेशन की सफाई व्यवस्था भी प्रभावित
ठेकेदार द्वारा सफाई के लिए जरूरी मशीनों का भी सही से उपयोग नहीं किया जा रहा है। जिसके कारण स्टेशन की सफाई व्यवस्था काफी खराब है। विशेषकर शौचालयों की स्थिति बहुत खराब है।
यात्रियों को हो रही परेशानी
स्टेशन की खराब सफाई व्यवस्था के कारण यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। यात्रियों ने कई बार इस बारे में शिकायत भी की है।
क्या किया जा रहा है?
विजिलेंस विभाग इस मामले में कार्रवाई कर रहा है। विभाग ने ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश की है। साथ ही विभाग स्टेशन की सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए भी कदम उठा रहा है।
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