नागौर, राजस्थान: गेंनाणा निवासी भागीरथ जाट की संदिग्ध मौत के बाद ग्रामीणों ने निम्बी जोधा पुलिस थाने के सामने एक सप्ताह से धरना प्रदर्शन जारी कर रखा है। इस दौरान बाजार भी बंद कर दिए गए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि मृतका की हत्या के पीछे के षड्यंत्र की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
घटना की रूपरेखा
18 दिन पूर्व गेंनाणा गांव स्थित मकान में भागीरथ जाट का शव मिला था। मृतक के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर षड्यंत्र कर हत्या करवाने का मामला दर्ज करवाया था। विवादित मामले में पुलिस ने मृतका की पत्नी शारदा को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने थाने के सामने निम्बी जोधा थानाधिकारी को हटाने की मांग भी रखी है।
ग्रामीणों का धरना और मांगें
ग्रामीणों ने थाने के सामने उठाई विभिन्न मांगों में शामिल हैं:
- पीड़ित परिवार के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले पुलिस अधिकारी एवं अन्य कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
- पुलिस महानिदेशक यूआर साहू एवं डीडवाना-कुचामन जिले के जिला पुलिस अधीक्षक से मामले में न्यायोचित कार्रवाई की मांग
- निष्पक्ष जांच और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी
- निम्बी जोधा थानाधिकारी का हटाना
सांसद हनुमान बेनीवाल का समर्थन
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल से मुलाकात करने के बाद ग्रामीणों ने उनसे समर्थन की अपील की। बेनीवाल ने 7 मार्च को धरने में शामिल होकर पीड़ित परिवार के साथ हुई अन्याय के खिलाफ न्याय दिलाने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस थाने के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विधानसभा में उठाया मुद्दा
इस मामले को लाडनूं विधायक मुकेश भाकर ने राजस्थान विधानसभा में भी उठाया था। भाकर ने कहा कि एक गांव में युवक की हत्या हो जाने के बाद 6 दिन से लोग धरने पर बैठे हैं और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने कई दौर की वार्ता की, लेकिन सहमति नहीं बनी। डीडवाना एसपी ने मामले को सुलझाने हेतु एसआईटी का गठन भी कर दिया है। ग्रामीण उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई के माध्यम से न्याय मिल सकेगा।
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