भरतपुर, 10 अप्रैल: राजस्थान में गांव-गांव, ढाणी-ढाणी पीने का पानी उपलब्ध कराने का दावा करने वाली भाजपा सरकार के शासन में भी भरतपुर जिले की नदबई विधानसभा की ग्राम पंचायत बांसी खुर्द के गांव धानोता के ग्रामीण पिछले 6 वर्षों से पेयजल की आस लगाए बैठे हैं। विडंबना यह है कि कांग्रेस की तत्कालीन गहलोत सरकार में बनी पानी की टंकी का निर्माण 5 से 6 साल पहले पूरा हो गया था, लेकिन आज तक इससे गांव में पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। इस लापरवाही के चलते ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है और उन्हें भीषण जल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इस गांव में चंबल पेयजल सप्लाई योजना भी लागू नहीं हो पाई है, जिसके कारण चंबल जल आपूर्ति के लिए बनाए गए मॉडल भी धूल फांक रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पानी की टंकी बनकर तैयार है, लेकिन न तो पाइपलाइन बिछाई गई है और न ही कोई अन्य आवश्यक व्यवस्था की गई है, जिसके चलते यह टंकी महज एक शोपीस बनकर रह गई है।
पिछले छह वर्षों से पेयजल की उम्मीद लगाए बैठे ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। उन्हें पीने के पानी के लिए दूर-दराज के इलाकों से पानी लाना पड़ता है, जिससे उनके दैनिक जीवन पर बुरा असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई है, लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है।
इस गंभीर जल संकट के बावजूद सरकार और प्रशासन की कथित उदासीनता से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। वे सवाल उठा रहे हैं कि जब पानी की टंकी बनकर तैयार है, तो उन्हें पीने का पानी क्यों नहीं मिल रहा है? ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनके गांव में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
#जलसंकट #राजस्थान #भरतपुर #नदबई #बांसीखुर्द #धानोता #पेयजल #भाजपासरकार #गहलोतसरकार #लापरवाही #ग्रामीणआक्रोश #चंबलपेयजल #आंदोलन
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.