राजस्थान की भजनलाल सरकार द्वारा गहलोत राज में बनाए गए 3 नए संभागों और 17 जिलों में से 9 को निरस्त करने के फैसले ने प्रदेश में उथल-पुथल मचा दी है। इनमें सीकर संभाग और नीमकाथाना जिला भी शामिल हैं। इस फैसले के बाद इन क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। क्षेत्रीय जनता के साथ-साथ विपक्षी नेता भी इस निर्णय के खिलाफ खुलकर सामने आ गए हैं।
सीकर और नीमकाथाना को संभाग और जिला यथावत रखने की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन के बैनर तले गुरुवार को एक सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में 4 जनवरी को सीकर बंद का आह्वान किया गया। इसके अतिरिक्त, 7 जनवरी को सीकर उपखंड कार्यालय में ज्ञापन सौंपने की योजना भी बनाई गई है।
इस आंदोलन को संगठित करने के लिए "सीकर संभाग और नीमकाथाना जिला संघर्ष समिति" का गठन किया गया है। क्षेत्रीय नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि यह लड़ाई अब आर-पार की होगी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार के इस फैसले को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। उन्होंने कहा, "भाजपा सरकार जनता से बदला लेने में लगी हुई है। लेकिन हम इनके घुटने टिकवाएंगे और सीकर संभाग व नीमकाथाना जिला को बहाल करवाकर रहेंगे।"
डोटासरा ने कहा कि सीकर संभाग बनने से क्षेत्र को शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में अपार लाभ मिलता। उन्होंने एम्स, आईआईटी, और बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं का उदाहरण देते हुए बताया कि संभाग बनने से इनकी सुविधा क्षेत्र के लोगों को मिलती।
उन्होंने भजनलाल सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा, "यह सरकार पर्चियों से चलती है। इनके पास न तो विजन है और न ही जनता की सेवा का इरादा।"
https://twitter.com/GovindDotasra/status/1874791136457576686
सीकर के सांसद अमराराम ने इस फैसले को शेखावाटी के सम्मान पर सीधा हमला बताया। उन्होंने कहा, "सरकार ने सीकर संभाग और नीमकाथाना जिला खत्म करके हमारी अस्मिता को ललकारा है। यह सिर्फ प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।"
अमराराम ने चेतावनी दी कि अब ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा। उन्होंने इसे शेखावाटी क्षेत्र की अस्मिता और अधिकारों की लड़ाई बताया।
https://twitter.com/AmraRamMPSikar/status/1874780884550975682
सभा में अन्य वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यह आंदोलन अब तहसील, पंचायत और गांव-ढाणी तक ले जाया जाएगा। नेताओं ने कहा कि शेखावाटी क्षेत्र की जनता के समर्थन से इस निर्णय को पलटवाकर रहेंगे।
इस जनांदोलन को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, सांसद अमराराम, और चूरू सांसद राहुल कस्वां जैसे बड़े नेताओं का समर्थन मिल रहा है।
अब देखना होगा कि भजनलाल सरकार इस जनआक्रोश के बाद अपना निर्णय वापस लेगी या फिर यह आंदोलन और व्यापक रूप लेगा। फिलहाल, 4 जनवरी को सीकर बंद और 7 जनवरी को ज्ञापन देने के कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है।
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.