कोटा, 9 अप्रैल: पश्चिम मध्य रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में यात्रियों की सुरक्षा और सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। आरपीएफ द्वारा किए गए विभिन्न अभियानों के तहत कई महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल हुई हैं।
ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते: बिछड़े बच्चों के लिए देवदूत
आरपीएफ ने "ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते" के तहत सराहनीय कार्य करते हुए घर से भागे, बिछड़े और अपहरण का शिकार हुए 595 मासूम बच्चों को उनके परिजनों और चाइल्ड लाइन जैसी संस्थाओं तक पहुंचाया। यह आंकड़ा पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 की तुलना में काफी अधिक है, जब 428 बच्चों को सुरक्षित रूप से उनके परिवारों से मिलाया गया था।
ऑपरेशन अमानत: यात्रियों की खोई संपत्ति लौटी
"ऑपरेशन अमानत" के तहत आरपीएफ ने ईमानदारी और तत्परता का परिचय देते हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 916 यात्रियों को उनकी खोई हुई कीमती वस्तुएं वापस दिलाईं। इनमें मोबाइल फोन, लैपटॉप और आभूषण आदि शामिल थे, जिनका कुल मूल्य 1 करोड़ 81 लाख 87 हजार रुपए था। हालांकि, पिछले वित्तीय वर्ष में 704 यात्रियों को 2 करोड़ 4 लाख 25 हजार रुपए का सामान लौटाया गया था।
संकट में बने जीवन रक्षक:
आरपीएफ कर्मियों ने अपनी जान पर खेलकर 31 यात्रियों की बहुमूल्य जान बचाई। यह संख्या भी पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुनी से भी अधिक है, जब 14 यात्रियों को सुरक्षित बचाया गया था।
ऑपरेशन मेरी सहेली: महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित
महिला यात्रियों की सुरक्षा और सहायता के लिए चलाए गए "ऑपरेशन मेरी सहेली" के तहत आरपीएफ ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 58 हजार 312 महिलाओं को विभिन्न प्रकार की सहायता प्रदान की। यह आंकड़ा पिछले वर्ष के 6 हजार 985 महिलाओं की तुलना में कई गुना अधिक है, जो महिला सुरक्षा के प्रति आरपीएफ की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पश्चिम मध्य रेलवे आरपीएफ द्वारा किए गए ये कार्य यात्रियों की सुरक्षा और कल्याण के प्रति उनकी संवेदनशीलता और समर्पण को दर्शाते हैं।
#आरपीएफ #सुरक्षा #नन्हेफरिश्ते #अमानत #मेरीसहेली #बचाव #बच्चे #यात्री #सामान #पश्चिममध्यरेलवे #कोटा #सराहनीयकार्य
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.