बजट में कोटा रेल मंडल को क्या मिला? 20 दिन बाद भी पता नहीं  - नहीं आई पिंक बुक बजट

बजट में कोटा रेल मंडल को क्या मिला? 20 दिन बाद भी पता नहीं - नहीं आई पिंक बुक बजट

कोटा। रेलवे बजट में कोटा मंडल को क्या मिला? इसकी जानकारी 20 दिन बाद भी सामने नहीं आ सकी है। इसका कारण अभी तक पिंक बुक जारी नहीं होना बताया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि पिंक बुक जारी होने के बाद ही कोटा सहित प्रत्येक मंडल को मिलने वाली बजट राशि का पता चल सकेगा। इतने दिन बाद भी पिंक बुक सामने नहीं आने से कई सवाल भी उठ रहे हैं। पिंक बुक की देरी के चलते लोग सरकार को कुछ छिपाने की मंशा के रूप से देख रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि बजट आने के 4-5 दिन में ही पिंक बुक आ जाती है। पिछली बार यह पिंक बुक दूसरे दिन ही सामने आ गई थी। इस पिंक बुक में प्रत्येक जोन और मंडल में चल रही विभिन्न रेल परियोजनाओं को मिलने वाली आवंटित धन राशि का पता चलता है। कोटा मंडल में करोड़ों रुपए की कई रेल परियोजनाएं चल रही हैं। पिंक बुक नहीं आने से इन परियोजनाओं के अगले वित्तीय वर्ष के लिए मिलने वाली राशि का पता नहीं चल रहा है।

31 जनवरी को आया था बजट

उल्लेखनीय है कि आम बजट और इसी के साथ रेल बजट भी 31 जनवरी को सामने आया था। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में इसकी घोषणा की थी। इसके बाद बजट में राज्यों को मिलने वाले धन का पता तो दूसरे दिन ही चल गया। लेकिन मंडल के बारे में अभी तक पता नहीं चला है। बजट का पता नहीं चलने से अगले वित्तीय वर्ष में इन परियोजनाओं पर प्रश्न खड़े होने लगे हैं।

यह मिला था पिछले बजट में

उल्लेखनीय है कि पिछले अंतरिम बजट में रामगंजमंडी-भोपाल को 800, दोसा-गंगापुर को 56, कोटा-अजमेर (नसीराबाद-जालिंद्ररी) को 10 करोड़, ग्वालियर-श्योपुर को 661 करोड़, सवाई माधोपुर-जयपुर दोहरीकरण के लिए, सवाई माधोपुर के पास से जयपुर बाईपास के लिए 5 करोड़ रुपए, धौलपुर-सरमथुरा (गंगापुर तक विस्तार) आमान परिवर्तन के लिए 105 करोड़, इसके अलावा अजमेर-सवाई माधोपुर वाया टोंक के लिए राशि का आवंटन किया गया था। हालांकि जुलाई में आए अंतिम बजट में कई परियोजनाओं की राशि में कटौती की गई थी।

रामगंजमंडी-भोपाल में और देरी

गौरतलब है कि रामगंजमंडी-भोपाल रेल परियोजना को इसी साल पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है। लेकिन बजट का पता नहीं चलने पर इसके और देर होने की संभावना है। पिछले करीब 20 सालों से रेंग रही कुल 262 किलोमीटर लंबी इस रेल परियोजना में से अभी तक रामगंजमंडी से अकलेरा तक मात्र 75 किलोमीटर का काम ही पूरा हुआ है। काम में देरी के चलते इस परियोजना को प्रधानमंत्री फास्ट्रेक योजना में शामिल किया गया था। इसमें ब्याबरा तक कोटा रेल मंडल का अधिकतर काम लगभग पूरा हो चुका है।

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