कोटा। कोटा मंडल रेल प्रशासन द्वारा एक अजीबोगरीब आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत सहायक महिला लोको पायलट दोपहर 1 बजे के बाद ट्रेन नहीं चलाएंगी। प्रशासन के इस फैसले ने रनिंग स्टाफ और अन्य रेल कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है, क्योंकि इसे पूरी तरह से नियम विरुद्ध बताया जा रहा है।
आदेश: टीएलसी नंबर 958 के तहत जारी वरिष्ठ अधिकारी के आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि महिला सहायक लोको पायलटों को केवल सुबह 6 बजे से दोपहर 1 बजे तक ही बुक किया जाए। इसके बाद महिलाओं की ड्यूटी नहीं लगाई जाए।
रनिंग स्टाफ ने इस आदेश को मनमाना और नियम विरुद्ध बताया है।
नियमों का उल्लंघन: रनिंग स्टाफ का कहना है कि रेलवे नियमों की सबसे बड़ी पुस्तक जी एंड एसआर (General and Subsidiary Rules) में भी ऐसा कोई नियम नहीं है जो महिला सहायक लोको पायलटों को दोपहर 1 बजे के बाद ड्यूटी पर जाने से रोके।
काम का बोझ: स्टाफ ने चिंता जताई है कि पहले से ही कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे मंडल में, इस आदेश के कारण पुरुष लोको पायलटों पर काम का बोझ और बढ़ेगा।
अन्य मंडलों की स्थिति: रनिंग स्टाफ ने बताया कि कोटा के अलावा रतलाम, भोपाल और जबलपुर सहित बाकी सभी मंडलों में महिला लोको पायलट रात में भी अपनी ड्यूटी कर रही हैं।
उल्लेखनीय है कि सहायक महिला लोको पायलट पिछले करीब 9 सालों से ऑफिस में ही काम कर रही थीं। पिछले दिनों यह मामला प्रमुखता से सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया था और इन महिला सहायक लोको पायलटों को वापस लाइन ड्यूटी पर भेजना शुरू कर दिया था। लेकिन अब यह नया आदेश प्रशासन की महिलाओं पर फिर से मेहरबान होने की ओर इशारा कर रहा है।
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