कोटा, 17 जुलाई 2025: कोटा के माल डिब्बा मरम्मत कारखाना (वर्कशॉप) में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत चेतराम मीणा का निलंबन रद्द कर दिया गया है। जबलपुर मुख्यालय द्वारा मंगलवार को आदेश जारी होने के बाद, वर्कशॉप प्रशासन ने चेतराम को गुरुवार को साढ़े तीन महीने बाद वापस ड्यूटी पर ले लिया है।
चेतराम मीणा को 25 मार्च को निलंबित किया गया था। यह कार्रवाई डमी कैंडिडेट के जरिए रेलवे में फर्जी नौकरी लगवाने के मामले में सीबीआई द्वारा उनके खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद की गई थी। वर्कशॉप प्रशासन ने भी इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था, लेकिन उसकी रिपोर्ट आने से पहले ही चेतराम का निलंबन रद्द हो गया।
दरअसल, गंगापुर निवासी मनीष मीणा ने आरोप लगाया था कि उसने अपनी पत्नी सपना की रेलवे में नौकरी लगवाने के लिए चेतराम को सात-आठ लाख रुपये नकद दिए थे, जबकि इतने ही रुपये गार्ड राजेंद्र मीणा को ऑनलाइन दिए थे। आरोप है कि इन दोनों ने परीक्षा में डमी कैंडिडेट बिठाकर सपना की रेलवे में नौकरी लगवाई थी। हालांकि, नौकरी लगने के बाद सपना मनीष से अलग हो गई, जिसके बाद मनीष ने पूरे मामले की शिकायत सीबीआई और रेलवे अधिकारियों से कर दी।
इस शिकायत के बाद रेलवे ने सपना और राजेंद्र को नौकरी से बर्खास्त कर दिया। बताया जा रहा है कि राजेंद्र को डमी कैंडिडेट के जरिए पदोन्नति हासिल करने के मामले में बर्खास्त किया गया था। इसके अलावा, रेलवे ने डमी कैंडिडेट के जरिए नौकरी हासिल करने वाली आशा मीणा को भी नौकरी से निकाल दिया है।
इस पूरे मामले में सीबीआई की जांच अभी भी जारी है। आशंका जताई जा रही है कि इस जांच के चलते आरोपियों की जल्द ही गिरफ्तारी हो सकती है, और इसमें कुछ रेलवे अधिकारी भी चपेट में आ सकते हैं। चेतराम का निलंबन रद्द होने के बावजूद, सीबीआई जांच के नतीजे अभी आने बाकी हैं, जो इस फर्जीवाड़ा रैकेट में शामिल अन्य लोगों पर भी गाज गिरा सकते हैं।
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