प्रशासन गांव के संग अभियान
एबरा शिविर में ग्रामीणों को मिली 20 साल पुराने अतिक्रमण से मुक्ति
सवाई माधोपुर, 5 अक्टूबर। प्रशासन गांव के संग अभियान में लोगों के कार्य सुगमता से होने से शिविर ग्रामीणों को खुशी दे रहे है। वहीं वर्षाे पुराने कार्य होने से ग्रामीणों में खुशी है। एबरा शिविर में खेल मैदान एवं रास्ते पर बीस साल पुराने अतिक्रमण से ग्रामीणों को मुक्ति मिली।
मंगलवार को मलारना डूंगर तहसील के एबरा गांव में आयोजित शिविर में ग्रामीणों ने राउप्रावि एबरा के खेल मैदान की आराजी खसरा नंबर 589 रकबा 0.53 है. गैर मु.आबादी एवं गैर मुमकिन रास्ते की आराजी खसरा नंबर 590 रकबा 0.37 हेक्टर भूमि पर अतिक्र्रमण की शिकायत की गई। उपखंड अधिकारी योगेश कुमार डांगुर द्वारा ग्रामीणों की समस्या को समझते हुए तत्काल मौके पर उपस्थित रहकर 20 साल पुराने अतिक्रमण को हटवाया गया। खेल मैदान एवं रास्ते से अतिक्रमण हटने से ग्रामीणों ने प्रसन्नत व्यक्त की तथा माननीय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रशासन गांव के संग अभियान शिविरों मंे लोगों के वर्षाे पुराने एवं अटके हुए काम भी तुरंत हो रहे है।
मकान का पट्टा पाकर खुश हुआ रामनिवास
सवाई माधोपुर, 5 अक्टूबर। प्रशासन गांव के संग अभियान ग्रामीणों के लिए खुशियों की सोगात लेकर आ रहे है। बौंली पंचायत समिति के राठोद नीमोद गांव में आयोजित शिविर में पट्टा प्राप्त करते ही कुछ इसी तरह के उद्गार व्यक्त किए कराडी गांव के रामनिवास गुर्जर ने। रामनिवास ने बताया कि पिछले 60 सालों से वे अपने मकान में रह रहे है, ेलकिन उनके पास पट्टा नहीं होने से मालिकाना हक नहीं मिला था। अभियान में निशुल्क पट्टा प्राप्त करने के बाद उन्होंने कहा कि अब वे गर्व के साथ मकान का पट्टा धारक होने की बात कह सकते है। उन्होंने अभियान को ग्रामीणों के लिए उपयोगी बताते हुए सरकार एवं मुख्यमंत्री का आभार जताया।
वर्षाे बाद रेकार्ड में दुरस्त हुआ कृष्ण गोपाल के पिता का नाम
शिविर में कार्य होने से खुश नजर आया कृष्ण गोपाल
सवाई माधोपुर, 5 अक्टूबर। प्रशासन गांव के संग अभियान का अमरगढ में आयोजित हुआ शिविर कृष्ण गोपाल के लिए खुशियो भरा रहा। उनके खातेदारी रेकार्ड में वर्षाे से गलत दर्ज पिता का नाम शिविर में घासीलाल दर्ज हुआ।
कृष्ण गोपाल शर्मा पुत्र घनश्याम शर्मा हाल निवासी महात्मा गांधी मार्ग, तहसील मलहारगढ़, पिपलिया मण्डी मंदसौर, मध्यप्रदेश करीब डेढ दो साल पहले अपनी खातेदारी भूमि को संभालने के लिए अपने मूल ग्राम अमरगढ तहसील गंगापुर सिटी में आया तो उसे मालूम चला कि उसकी जमाबंदी में उनके पिता का नाम घनश्याम के स्थान पर घासीलाल दर्ज हो रखा है। जिससे उन्हें राजकीय योजनाओ का लाभ नहीं मिल पा रहा था। कृष्णगोपाल ने अपने पिता के नाम की शुद्धि के लिए कई प्रयास किए परन्तु उसके पिता का नाम जमाबन्दी में शुद्ध नहीं हो पाया।
उन्होंने बताया कि प्रशासन गांव के संग अभियान के तहत शिविरों के आयोजन की जानकारी मिली। मंगलवार को उनके मूल गांव अमरगढ़ में शिविर था तो वे अपनी समस्या को लेकर जिला मंदसौर से कैम्प स्थल अमरगढ पर उपस्थित हुए।
कैम्प में उन्होंने शिविर प्रभारी उपखंड अधिकारी को अपनी समस्या बताई। उन्होंने बताया कि भूमि में प्रार्थी कृष्ण गोपाल, अजय के पिता का नाम घासीलाल दर्ज हो रखा है जबकि अन्य दस्तावेजो में उनके पिता का नाम घनश्याम दर्ज है। उन्होंने खातेदारी रेकार्ड में पिता का नाम घासीलाल के स्थान पर घनश्याम दर्ज कर शुद्ध करने का आवेदन किया। प्रार्थना पत्र पर तहसीलदार गंगापुर सिटी से रिपोर्ट ली गयी तहसीलदार गंगापुर सिटी ने प्रार्थी के पिता का नाम घासीलाल के स्थान पर घनश्याम दर्ज करने की अनुशंषा की। जिस पर कैम्प में ही प्रार्थी के पिता का नाम शुद्ध करने के आदेश जारी किये गए। रेकार्ड में पिता का नाम सही दर्ज होने पर कृष्णगोपाल ने राजस्थान सरकार द्वारा चलाए जा रहे प्रशासन गांवों के संग अभियान की भूरी भूरी प्रशंसा की।