कृषि अधिकारियों ने बताये अमरूद में कीट नियंत्रण के तरीके
सवाई माधोपुर 18 अगस्त। जिले में लगातार बरसात के कारण अमरूद बगीचों में फफूंदी रोग एवं रस चूसने वाले कीटों के प्रकोप उग्र होने से मृग बाहर के फूल नहीं से किसान चिंतित नजर आ रहे हैं।
करमोदा के कृषि पर्यवेक्षक विजय जैन ने बताया कि इन दिनों फफूंद जनित रोग डाईबैक, एंथ्रेक्नोज, सॉफ्ट वाटरी रोट, सरकोस्पोरा आदि के प्रकोप से अमरूद बगीचों में पत्ते झड़ने, पत्तों पर ईंट जैसे धब्बे पड़ने, नई कोपलों एवं शीर्ष शाखाओं के काली पड़कर सूखने की समस्या देखी जा रही है। इस रोग से बचाव के लिए कॉपर ऑक्सिक्लोराइड 3 ग्राम अथवा कार्बेंडाजिम 50 डब्ल्यू.पी. या मैंकोजेब 2 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से घोलकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है।
रस चूसने वाले कीड़ों के प्रकोप से पत्तियां सुकड़ने लगी हैं, इसके नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एस.एल. 0.3 मिली लीटर प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।
लगातार वर्षा एवं नमी की अधिकता के कारण जो किसान भाई उर्वरक प्रबंधन नहीं कर पाए हैं, ऐसी स्थिति में एन.पी.के. 19ः19ः19 घुलनशील उर्वरक 5 ग्राम लीटर पानी के घोल छिड़काव करें। वर्तमान में किसान यूरिया 250 ग्राम, जिंक सल्फेट 75 ग्राम एवं सल्फर डस्ट 100 ग्राम प्रति पौधा थांवले में गुड़ाई कर देवें, इसके बाद हल्की सिंचाई करें। किसान व्हाट्सएप नंबर 9414202262 पर अथवा फोटो अथवा वीडियो भेज कर समस्याओं का निदान प्राप्त कर सकते हैं।