सवाई माधोपुर, 23 दिसंबर: राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार सवाई माधोपुर में मानसिक रूप से बीमार और बौद्धिक रूप से असक्षम व्यक्तियों के लिए विधिक सेवाएं योजना 2024 के तहत एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर यश दिव्यांग सेवा संस्थान में आयोजित किया गया और इसकी अध्यक्षता डिप्टी लीगल एड डिफेंस काउंसिल (न्याय रक्षक) वीरेन्द्र कुमार वर्मा ने की।
शिविर में क्या हुआ?
शिविर में मानसिक रूप से बीमार और बौद्धिक रूप से असक्षम व्यक्तियों को प्राप्त कानूनी अधिकारों और उनके लिए संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। न्याय रक्षक वीरेन्द्र कुमार वर्मा ने इस बारे में विस्तार से बताया।
शिविर में यूनिट के सदस्यों ने भी भाग लिया और उन्होंने मानसिक बीमार और बौद्धिक रूप से असक्षम व्यक्तियों की सभी कानूनी कार्यवाही में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रतिभागियों के रूप में प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करने के बारे में जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने इन व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करने वाले कानूनों, योजनाओं और नीतियों के कार्यान्वयन के लिए सरकारी संस्थाओं, गैर सरकारी संगठनों और विश्वविद्यालयों आदि के साथ सहयोग करने के महत्व पर भी जोर दिया।
इसके अलावा, यूनिट के सदस्यों ने राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के एक्शन प्लान के अनुसार कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम 2013 के बारे में भी जानकारी प्रदान की।
क्यों जरूरी है जागरूकता?
मानसिक रूप से बीमार और बौद्धिक रूप से असक्षम व्यक्ति समाज के कमजोर वर्ग होते हैं। उन्हें अपने अधिकारों के बारे में जागरूक करने के लिए ऐसे शिविर बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इन शिविरों के माध्यम से उन्हें यह पता चलता है कि उनके पास भी अन्य लोगों की तरह ही अधिकार हैं और वे इन अधिकारों का उपयोग कैसे कर सकते हैं।
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