आयुर्वेद निरापद चिकित्सा पद्धति
धन्वतरी जयंती को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाया, श्रेष्ठ कार्य करने वाले आयुर्वेद कार्मिकों का किया सम्मान
सवाई माधोपुर, 2 नवंबर। आयुर्वेद विभाग सवाई माधोपुर द्वारा आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरी की जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस समारोह पूर्वक आयुर्वेद कार्यालय मानटाउन में मनाया गया। इस अवसर पर जिले में चल रहे आरोग्य सप्ताह का समापन भी हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर राजेन्द्र किशन थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में आयुर्वेद के पूर्व संयुक्त निदेशक बृजराज शर्मा, इंद्रमोहन शर्मा, रामदयाल गौत्तम, सूचना एंव जन संपर्क से सुरेश गुप्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरूआत में जिला कलेक्टर राजेन्द्र किशन सहित अतिथियों ने विधि विधान से आयुर्वेद के जनक धन्वंतरी की पूजा की। इस अवसर पर कलेक्टर ने एवं अन्य वक्ताओं ने आयुर्वेद को निरापद चिकित्सा पद्वति बताते हुए आज के समय में आयुर्वेद की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। आयुर्वेद के सिद्धांतों को जीवन में अपनाने तथा इस पद्धति को बढावा देने पर जोर दिया। कलेक्टर ने संगोष्ठी में कहा कि स्व को स्थापित करना ही स्वास्थ्य है। कलेक्टर ने आयुर्वेद से जुडे गूढ रहस्यों तथा जीवनचर्या पर चर्चा करते हुए उपस्थित लोगों को आयुर्वेद एवं धन्वंतरि को समझने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर अन्य वक्ताओं ने आयुर्वेद चिकित्सा के महत्व को भी बताया गया। उप निदेशक बालकृष्ण शर्मा ने कोरोना काल में बीमारियेां से बचाव एवं उपचार के लिए आयुर्वेद द्वारा किए गए प्रयासों के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर राजेन्द्र प्रसाद शर्मा ने प्रतिवेदन पढा तथा आयुर्वेद की आज के समय में प्रासंगिकता तथा महत्व पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के संबंध मंे विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पाश्चात्य देशों में भी आयुर्वेद का महत्व बढा है। कार्यक्रम में श्रेष्ठ कार्य करने वाले आयुर्वेद कार्मिकों को सम्मानित किया गया।