नागोलाव बांध में बरसाती पानी नहीं पहुंचने से किसान चिंतित
बौंली–उपखंड मुख्यालय के जस्टाना मार्ग स्थित सिंचाई विभाग के मुख्य नागोलाव बांध में बरसाती जल के नहीं पहुंचने से बांध की भराव क्षमता प्रभावित हो चली है। इससे क्षेत्र के किसानों में रोष व्याप्त है हालांकि अभी तक क्षेत्र में बरसात नहीं हुई है लेकिन दो-तीन मर्तबा में हुई बरसात का पानी बांध में नहीं पहुंच पाया इससे आगामी रबी फसल पर विपरीत प्रभाव पड़ने की संभावना से किसान वर्ग बेहद चिंतित बना हुआ है। बांध में पूर्व की तरह बरसाती पानी पहुंचाने की मांग को लेकर रविवार को क्षेत्र के किसानों ने विभागीय अधिकारियों को मौके पर बुलाकर हालातों से अवगत कराया।हनुमान मीणा खिरखड़ी, अफजल खान, कादर खान व धर्मेंद्र मीणा सहित कई लोगों ने बताया कि बांध के भराव मार्ग में दिल्ली मुंबई नेशनल हाईवे निर्माण कम्पनी द्वारा बनाई गई सेफ्टी दीवार व अंडर पास से बारिश का पानी बांध में नहीं पहुंच जहां तहां फैल रहा है। ऐसी स्थिति में भविष्य में बांध की भराव क्षमता प्रभावित होने की पूरी संभावना बन गई है ।
गौरतलब है कि 10 फीट भराव क्षमता के इस नागोलाव बांध से कस्बे सहित कोड्याई ,अलूदा व आसपास के कई गांवों की सैकड़ों बीघा भूमि की रवी फसल की सिंचाई हो पाती है । यदि इस बार बांध में पानी नहीं आया तो बांध से सिंचित होने वाले खेतों में रबी की बुवाई बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।
जानकार सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग व हाईवे निर्माण कंपनी के अधिकारियों ने हालातों को देखकर बांध में पानी पहुंचाने के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार करने का आश्वासन दिया । मौके पर विभागीय अधिकारियों को हालातों से अवगत कराने वाले किसान युवाओं ने उन्हें चेताया कि यदि शीघ्र ही दिए गए आश्वासन की क्रियान्विति नहीं की गई तो क्षेत्र के किसानों को मजबूर होकर आंदोलन पर उतारू होना पड़ेगा क्योंकि क्षेत्र के किसानों के लिए नागोलाव बांध लाइफ लाइन के रूप में काम करता है ऐसे में यदि इसकी भराव क्षमता प्रभावित हुई तो इस परेशानी को किसान वर्ग किसी भी स्थिति में सहन नहीं कर पाएगा। इस बारे में जब सिंचाई विभाग के कनिष्ठ अभियंता विनोद कुमार मीणा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मौके पर हाईवे निर्माण कंपनी द्वारा बांध में बरसाती पानी पहुंचने के मार्ग पर सड़क निर्माण के दौरान जो मिट्टी डालकर अवरोध पैदा किया गया था उसे पूर्णतया हटाने के लिए उन्होंने आश्वासन दिया है तथा मिट्टी को हटाने का काम शुरू भी कर दिया है। पूरी तरह अवरोध हट जाने पर बांध में पहले की तरह बरसात का पानी पहुंच सकेगा बांध में बरसाती पानी के पहुंचने में कोई परेशानी नहीं हो पाएगी।
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