जिले में चार मोबाइल चिकित्सालय का होगा संचालन
चल चिकित्सालय दूरदराज के क्षेत्र में पहुंचकर चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाएंगे
सवाईमाधोपुर, 11 मई। जिला कलेक्टर राजेन्द्र किशन ने सीएमएचओ डॉ. तेजराम मीणा को निर्देश दिये हैं कि बुधवार से जिले में 4 चल चिकित्सालय संचालित करें। चल चिकित्सालय चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित वाहन होगा जो ऐसे क्षेत्रों में जायेगा जहॉं सीएचसी या पीएचसी नहीं हैं। इस वाहन में फिजिसियन, नर्स और लैब असिस्टेंट रहेंगे। यह मौके पर ही लोगों के आरटी पीसीआर टेस्ट के लिये सैम्पल लेगा तथा दवाईयां भी उपलब्ध करवाएंगे।
जिला कलेक्टर ने मंगलवार को वर्चुअल पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर का ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा असर है, इसलिये हम अपना फोकस वहीं बढा रहे हैं। लोगों को अपने घर के पास ही इलाज और चिकित्सकीय सलाह मिल जाये तो एक ओर ग्रामीणों क्षेत्र में संक्रमण की चैन तोडने में आसानी होगी, दूसरी और जिला मुख्यालय और गंगापुर सिटी के अस्पतालों पर बेवजह बोझ नहीं बढेगा। कोविड-19 के जल्द डिटेक्शन के लिये लोगों को जागरूक कर रहे हैं कि लक्षण मिलते ही जॉंच करवायें। इसके लिये घर-घर जाकर प्राथमिक जॉंच भी की जा रही है। अब तक जिले के साढे 3 लाख परिवारों का सर्वे कर खांसी, जुकाम आदि लक्षण वाले 30 हजार परिवारों को दवा किट प्रदान किया है। इस दवा किट की अनुशंषा देश के जाने माने चिकित्सकों ने उन लोगों के लिये की है जिनमें कोरोना के लक्षण तो हैं लेकिन अभी पॉजिटिव घोषित नहीं हुये हैं। इस प्रकार समय पर इनको चिकित्सा मिलने से काफी मदद मिली है। इसी के साथ जॉंच पेंडेंसी को शून्य कर दिया गया है। मंगलवार को 701 सैम्पल की जॉंच में 163 पॉजिटिव आये यानि पॉजिटिव प्रतिशत लगातार 4 दिनों से निरन्तर गिर रहा है जो जिले के लिये बडी सुखद खबर है। जांच में 538 नेगेटिव निकले। कलेक्टर ने बताया कि जिले के सभी सीएचसी में 50 प्रतिशत बेड कोविड-19 के लिये रिजर्व कर आवश्यक सुविधा जुटाने के निर्देश दिये गये हैं।
कलेक्टर ने बताया कि वर्तमान में जिले में 3196 एक्टिव केस हैं तथा पिछले 24 घंटे में जिले में कोरोना से 1 भी मृत्यु नहीं हुई। संक्रमण से मृत्यु के मामले में हमारा जिला राज्य में नीचे से 7 वें स्थान पर हैं यानि केवल 6 जिलों की हालत हमसे बेहतर है।
कलेक्टर ने मीडियाकर्मियों को बताया कि ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है लेकिन 200-250 खाली सिलेंडर तथा 150 रेगुलेटर मिल जाये तो हम सबके लिये बडी सुविधा होगी क्योंकि सवाईमाधोपुर और गंगापुर सिटी में बफर स्टॉक के रूप में 50-50 तथा ऑक्सीजन प्लांट में 24-24 सिलेंडर बैक अप के रूप में रखने पडते हैं। इसके अतिरिक्त 150 सिलेंडर हर समय मरीजों के लिये वार्ड में लगे होते हैं तथा लगभग 200-250 सिलेंडर ट्रांसपोर्टेशन में होते हैं जो या तो रिफिल करवाने के लिये भेजे जा रहे होते हैं या रिफिल करवा कर जिले में लाये जा रहे होते हैं। कलेक्टर ने बताया कि मंगलवार को 80 रेमडेसिविर इंजेक्शन अस्पतालों को आवंटित किये गये हैं। इस अवसर पर कलेक्टर ने मीडियाकर्मियों से सुझाव भी मांगे। कलेक्टर ने बताया कि स्थानीय स्तर पर सीएचसी एवं पीएचसी लेवल पर कोरोना के मरीजों के उपचार किए जाने के निर्देश दिए गए है। सभी चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ को आवश्यक रूप से मुख्यालय पर रहने तथा ब्लॉक सीएमएचओ को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए है। गंगापुर एवं सवाई माधोपुर के अस्पताल में आर्ब्जर्वेशन रूम शुरू कर अतिरिक्त बेड लगवाए गए है। जिससे मरीज का आते ही उपचार शुरू हो जाए। इसका लाभ भी मिला है। कलेक्टर, सीएमएचओ, पीएमओ ने पत्रकारों के सवालों के जवाब भी दिए। प्रेस कांफ्रेन्स में सीईओ जिला परिषद रामस्वरूप चौहान, एडीएम डॉ सूरज सिंह नेगी, आरएएस अधिकारी प्रहलाद मीणा सहित चिकित्सा एवं प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।