अन्तर्राष्ट्रीय महिला सप्ताह के तहत छात्र छात्राओं को दी विधिक जानकारी

अन्तर्राष्ट्रीय महिला सप्ताह के तहत छात्र छात्राओं को दी विधिक जानकारी

अन्तर्राष्ट्रीय महिला सप्ताह के तहत छात्र छात्राओं को दी विधिक जानकारी
सवाई माधोपुर 3 मार्च। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देषानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सवाई माधोपुर के तत्वाधान में 3 से 10 मार्च तक मनाये जा रहे अन्तर्राष्ट्रीय महिला सप्ताह के तहत 3 मार्च को पैनल अधिवक्ता हनुमान प्रसाद गुर्जर, पैरालीगल वाॅलेन्टियर्स दिनेश कुमार बैरवा एवं मुकेश कुमार शर्मा द्वारा राजकीय माध्यमिक विद्यालय मानटाउन सवाई माधोपुर एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय साहूनगर सवाई माधोपुर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
हनुमान प्रसाद गुर्जर पैनल अधिवक्ता ने उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं आमजन को बताया कि भारतीय संस्कृति में नारी के सम्मान को बहुत महत्व दिया गया है। संस्कृत में एक श्लोक है- ’यत्र पूज्यंते नार्यस्तु तत्र रमन्ते देवताः’ जहाॅ नारी की पूजा होती है, वहाॅ देवता निवास करते है। किन्तु वर्तमान में जो हालात दिखाई देते है, उसमें नारी का हर जगह अपमान होता चला जा रहा है। उसे भोग की वस्तु समझकर आदमी अपने तरीके से इस्तेमाल कर रहा है।
दिनेश कुमार बैरवा पैरालीगल वाॅलेन्टियर ने उपस्थित छात्र-छात्राओं का जानकारी देते हुए बताया कि नारी का सारा जीवन पुरूष के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने में ही बीत जाता है। पहले पिता की छत्रछाया में उसका बचपन बीतता है, पिता के घर में भी उसे घर का कामकाज करना होता है तथा साथ ही अपनी पढाई भी करनी होती है। उसका यह कर्म विवाह तक जारी रहता है। बैरवा ने बताया कि आजकल लडकियाॅ जीवन के हर क्षेत्र में बाजी मार रही है। विभिन्न परीक्षाओं की मेरिट लिस्ट में लडकियाॅ तेजी से आगे बढ रही है। अपनी मेहनत और मेधा शक्ति के बल पर हर क्षेत्र में प्रवीणता अर्जित कर ली है। 1914 को अन्तर्राष्ट्रीय महिला उत्सव मनाया गया था तब से प्रतिवर्ष 8 मार्च को सभी जगह इसे मनाते है। आजकल महिलाओं के साथ अभद्रता की पराकाष्ठा हो रही है। हम रोज ही अखबारो और न्यूज चैनलों में पढते व देखते है कि महिलाओं के साथ छेडछाड की गई या सामूहित दुष्कर्म किया गया। इसे नैतिक पतन कहा जाएगा। इसका नवयुवको के मन-मस्तिष्क पर बहुत ही खराब असर पडता है। वे इसके क्रियान्वयन पर विचार करने लगते है। परिणामतः गैंगरेप जैसे जघन्य व घृणित अपराध होते है। नारी के सम्मान व उसकी अस्मिता की रक्षा के लिए इस पर विचार करना बेहद जरूरी है।
इस अवसर पर अधिवक्ताओं ने पीड़ित प्रतिकर स्कीम 2011, निःशुल्क विधिक सहायता एवं नालसा व रालसा द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर स्थानीय विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं शिक्षक उपस्थित थे।

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