लोक अदालत ने सुलझाये भाईयों व दम्पत्तियों के विवाद

लोक अदालत ने सुलझाये भाईयों व दम्पत्तियों के विवाद

लोक अदालत ने सुलझाये भाईयों व दम्पत्तियों के विवाद
सवाई माधोपुर 12 जुलाई। जिला मुख्यालय एवं अधीनस्थ तालुकाओं पर आॅफलाइन व आॅनलाइन माध्यम से 10 जुलाई को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रकरणों की आपसी सहमति से निस्तारण हेतु सम्पूर्ण जिले में कुल 16 बैंचों का गठन किया गया। जिला मुख्यालय पर अश्वनी विज, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश, सवाईमाधेापुर) द्वारा विधिवत शुभारम्भ दीप प्रज्जवलन कर किया गया।
श्रीमती श्वेता गुप्ता सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर ने बताया कि जिले मे लोक अदालत की भावना से आपसी समझाईश व राजीनामा के माध्यम से तालुका विधिक सेवा समिति बामनवास द्वारा न्यायालय में विचाराधीन दीवानी वाद प्रकरण संख्या 01/2018 बृजलाल बनाम राधे वगैरा में काउंसलिंग के माध्यम से समझाईश की गई जिसके परिणामस्वरूप दोनो ही भाई जो पिछले करीब चार साल से अलग-अलग रह रहे थे, उनके बीच में आपसी बोलचाल भी बंद था एवं सभी मतभेदो को भुलाकर एक दूसरे को गले लगाते हुए पुनः कभी मनमुटाव नही करने एवं राजीखुशी से रहने की कसमें ली। अमावरा निवासी राधे ने अपने बडे भाई बृजलाल के पैर छुकर आर्शीवाद भी प्राप्त किया तथा भविष्य में एकजुट होकर रहने का वादा किया।
इसी प्रकार तालुका विधिक सेवा समिति गंगापुर सिटी द्वारा न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निस्तारण हेतु चार अलग-अलग बैंचो का गठन किया गया, इसमें लोक अदालत की भावना से आपसी समझाईश व राजीनामा के माध्यम वर्षो से एक दम्पती के बीच चल रहे विवाद में सुलह कराई। मधुसूदन राय, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश गंगापुर सिटी की बैंच में जितेन्द्र बनाम भारती बाला प्रकरण में पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था। राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी समझाईश के बाद दोनो के बीच राजीनामा कराया गया तथा दंपती ने पुराने गिले-शिकवे मिटाकर एक दूसरे को माला पहनाकर मिठाई खिलाई। तालुका विधिक सेवा समिति गंगापुर सिटी द्वारा 322 प्रकरणों का निस्तारण कर 1 करोड 11 लाख 45 हजार 6 सौ 92 रूपये के अवार्ड पारित किये गये। दौराने राष्ट्रीय लोक अदालत बैंच संख्या 1 न्यायालय एडीजे ने 55 प्रकरणों का निस्तारण करते हुए 51 लाख 90 हजार 50 रूपये के अवार्ड पारित किये। बैंच संख्या 2 एसीजेएम न्यायालय ने 120 प्रकरणों का निस्तारण करते हुए 6 लाख 69 हजार 4 सौ 20 रूपये के अवार्ड पारित किये। बैंच संख्या 3 सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्टेªट संख्या-1 ने 26 प्रकरणों का निस्तारण करते हुए 5 लाख 91 हजार 4 सौ 70 रूपये के अवार्ड पारित किये। वहीं ग्राम न्यायालय ने 21 प्रकरणों का निस्तारण करते हुए 15 लाख 97 हजार 3 सौ एक रूपये के अवार्ड पारित किये। तालुका विधिक सेवा समिति गंगापुर सिटी ने बीएसएनएल एवं बैंक प्रि-लिटिगेशन के 52 प्रकरणों का निस्तारण करते हुए 19 लाख 86 हजार 9 सौ 9 रूपये के अवार्ड पारित किये।
इसी प्रकार तालुका विधिक सेवा समिति बौंली में लोक अदालत की भावना से आपसी समझाईश व राजीनामा के माध्यम से बैंक, बिजली, पानी संबंधी प्रि-लिटिगेशन के 54 प्रकरणों एवं 30 राजीनामा योग्य लंबित प्रकरणों का निस्तारण किया गया। एक सिविल वाद जो कि भाईयों के मध्य शामलाती सीढियों, बरामदा, बाथरूम व आने-जाने के रास्ते को लेकर विवाद था, जो कि दिनांक 02.03.2021 को न्यायालय मंे दर्ज हुआ था जिस पर न्यायालय द्वारा उभय पक्षकारान को राष्ट्रीय लोक अदालत 10.07.2021 हेतु नोटिस जारी कर प्रिकाउंसलिंग की गई तथा भाईयों के बीच लोक अदालत की भावना से राजीनामा कर प्रकरण का निस्तारण किया गया। जिला अग्रणी प्रबन्धक सवाई माधोपुर के.एन. शर्मा ने समस्त बैंकर्स को अधिकाधिक प्रकरणों में पक्षकारान से आपसी सहमति से वसूली कर राजीनामा करनवाने में सहयोग प्रदान किया। जिला मुख्यालय पर बैंक वसूली के 94, पीएचईडी के 12, भारत संचार निगम लिमिटेड के 6 प्रकरण इस प्रकार कुल 112 प्रकरणो का निस्तारण किया गया।
इसी प्रकार तालुका विधिक सेवा समिति,खण्डार द्वारा राजीनामे के आधार पर प्रि-लिटिगेशन के 28 एवं न्यायालय में लंबित 38 प्रकरणों मे इस प्रकार कुल 66 प्रकरणों में अंतिम रूप से निस्तारित किये गये। नियमित फौजदारी प्रकरण संख्या 206/2015 जो कि न्यायालय में 6 साल से लंबित था इस प्रकरण में सवाई माधोपुर केन्द्रीय सहकारी बैंक लिमिटेउ शाखा खण्डार की ओर से अभियुक्त बहादूर के विरूद्ध धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत दिनांक 23.09.2015 को न्यायालय में परिवाद पेश किया गया जिसे राष्ट्रीय लोक अदालत हेतु चिन्हित कर पक्षराकान को प्रिकाउंसलिंग हेतु नोटिस जारी कर प्रिकाउंसलिंग की गई। जिस पर अभियुक्त द्वारा लोक अदालत की भावना से विवादित चैक की संपूर्ण राशि 1,65,000/- रूपये परिवादी बैंक में जमा करवाकर प्रकरण में आपसी राजीनामें के आधार पर अंतिम रूप से निस्तारण किया गया।
जिले मे लोक अदालत की भावना से आपसी समझाईश व राजीनामा के माध्यम से प्रिलिटिगेशन स्तर के बैंक वसूली के 237, जनउपयोगी सेवाओं के 112 एवं अन्य राजीनामा योग्य प्रकरणों के 185 समेत कुल 534 प्रकरणों का निस्तारण किया गया, जिनमें 1,43,13,862/- रूपये (अक्षरे एक करोड तियालीस लाख तेरह हजार आठ सौ बासठ रूपये)े राशि का अवार्ड पारित किया गया। जिले के न्यायालयों में लंबित प्रकरणों मे कुल 1104 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। जिला मुख्यालय पर एमएसीसी प्रकरणों में कुल 37 प्रकरणों का निस्तारण किया जाकर 1,45,19000/-रूपये (अक्षरेः एक करोड पैतालीस लाख उन्नीस हजार रूपये) एवं तालुकाओं पर एमएसीटी प्रकरणों में कुल 15 प्रकरणों का निस्तारण किया जाकर 1,11,84,783/-रूपये (अक्षेर एक करोड ग्यारह लाख चैरासी हजार सात सौ तैरासी रूपये ) इस प्रकार एमएसीटी के कुल 52 प्रकरणों का निस्तारण किया जाकर कुल 25,703,783/रूपये (अक्षरे दो करोड सत्तावन लाख तीन हजार सात तिरासी रूपये) का अवार्ड पारित किया गया। जिलें में लोक अदालत की भावना से आपसी समझाईश व राजीनामा के माध्यम से कुल 1638 प्रकरणों का निस्तारण किया जाकर कुल 8,25,59,120/-रूपये (अक्षरे आठ करोड पच्चीस लाख उनसठ हजार एक सौ बीस रूपये ) की राशि के अवार्ड पारित किये गये।

G News Portal G News Portal
23 0

0 Comments

No comments yet. Be the first to comment!

Leave a comment

Please Login to comment.

© G News Portal. All Rights Reserved.