रेलवे ने बंगला पियोन रखने पर लगाई रोक, मंडल में दो दर्जन अधिकारी होंगे प्रभावित
रेलवे बोर्ड ने जारी किए आदेश गंगापुर सिटी
रेलवे बोर्ड ने बंगला पियोन-टीकेडीए (घरेलू नैकर या टेलिफोन अटेंडेट-कम डाक खलासी) कार्य पर रखने पर रोक लगा दी है। बोर्ड द्वारा इसके आदेश जारीकर दिए है। इस आदेश से कोआ मंडल में करीब दो दर्जन अधिकारी प्रभावित होंगे। मौजूदा कर्मचारी का कार्यकाल पूरा होने के बाद अब यह दुबारा बंगला पियोन नहीं रख सकेंगे। पश्चिम मध्स रेलवे मुख्यालय के भी 50 से अधिक अधिकारियों को इस आदेश से झटका लगा है। उल्लेखनीय है कि रेलवे में वरिष्ठ अधिकारियों को बंगला पियोन रखने की सुविधा मिलती है। बोर्ड ने अपने आदेश में कहा है कि अधिकारी अब नए बंगला पियोन की भर्ती नहीं कर सकेंगे। 6अगस्त के बाद रखे बंगला पियोन की भर्ती नहीं हो सकेगी। बोर्ड के स्थापना निदेशक एमएम रॉय ने अपने आदेश में कहा कि अगर कोई रेल कर्मचारी स्वैच्छा से बंगला पियोन का काम करना चाहे तो अधिकारी उसे रख सकते है। लेकिन नए लोगों को नहीं रख सकते है।
उल्लेखनीय है कि रेलवे के हर वरिष्ठ अधिकारी को बंगला पियोन रखने की छूुट थी। अधिकारियों द्वारा इन बंगला पियोन से घरेलू कार्य कराया जाता था। तीन साल बाद इन बंगला पियोन को रेलवे में स्थाई नौकरी मिल जाती थी। इस बहाने अधिकारी अपने परिचितों और कर्मचारी संगठनों के नेताओं को रेलवे में बैकडोर एंट्री देकर उपकृत भी कर देते थे।रेलवे ने जुलाई माह में भी बंगला पियोन की भर्ती पर रोक के आदेश जारी किए थे। लेकिन अधिकारियों के विरोध के बाद रेलवे ने इस आदेश की समीक्षा की बात कहीं थी। अब फिर से रेलवे ने बंगला पियोन पर रोक के आदेश जारी किए है। रेलवे में बंगला पियोन रखने की सुविधा ब्रिटिश युग से चली आ रही है।