बिजली बिलों में स्थाई शुल्क विलंब शुल्क सहित अन्य सभी कर माफ करें राजस्थान सरकार शिवाड़
प्रदेश मंत्री भाजपा जितेंद्र गोठवाल ने बताया कि वर्तमान में पूरा विश्व कोरोना नामक गंभीर महामारी से जूझ रहा है। सभी जगह उद्योग, व्यापारिक गतिविधियां, फैक्ट्रियां, कंपनीया व अन्य सभी कार्य लगभग बंद है। ऐसी स्थिति में कोरोना संक्रमण काल में मार्च के दूसरे पखवाड़े के बाद ठप्प पड़ी व्यवसायिक, औद्योगिक गतिविधियों के बाद भी जयपुर, जोधपुर, अजमेर डिस्कॉम द्वारा प्रदेश के एक करोड़ 52 लाख घरेलू, अघरेलू, व्यवसायिक, औद्योगिक उपभोक्ताओं को भेजे जाने वाले विद्युत बिलों में स्थाई शुल्क, विलंब शुल्क सहित अन्य सभी करों को कम से कम तीन माह अप्रैल से जून तक के लिए माफ करने की मांग की है।
गोठवाल ने बताया कि वैश्विक माहमारी के कारण प्रदेश का पर्यटन उद्योग मृत प्राय हो गया है वही व्यापारिक गतिविधियां बंद पड़ी हैप् रेड अलर्ट जन अनुशासन लॉकडाउन के कारण अन्य गतिविधियां भी बंद है। औद्योगिक इकाई अभी अपनी क्षमता के अनुरूप 25 प्रतिशत काम कर पा रही है। गोठवाल ने बताया कि कोरोना काल के दौरान ऐसी विकट परिस्थिति में राज्य सरकार घरेलू, अघरेलू, वाणिज्यिक, औद्योगिक उपभोक्ताओं से श्रेणी वार 250 प्रति माह से लेकर 25000 प्रति माह स्थाई शुल्क वसूल रही है। तथा इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी के नाम पर 40 पैसे प्रति यूनिट, अर्बन सेश के नाम पर 15 पैसे प्रति यूनिट, अडानी कर के नाम पर 5 पैसे प्रति यूनिट वसूलने का जन विरोधी कार्य कर रही है। जिसे राजस्थान सरकार तत्काल प्रभाव से अप्रैल से जून यानी 3 मई के लिए माफ कर राज्य उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करें।