राज्य सरकार के प्रत्येक कार्मिक का आरजीएचएस में पंजीकरण अनिवार्य
सवाई माधोपुर, 7 अक्टूबर। राजस्थान गवर्नमेंट हैल्थ स्कीम (आरजीएचएस) में गत 1 जुलाई से कैशलेस इनडोर/डे-केयर चिकित्सा लाभ प्रारम्भ हैं तथा शीघ्र ही आउटडोर चिकित्सा सुविधा का भी शुरू होगी लेकिन ऐसे कार्मिक जिन्होने आरजीएचएस मे अपना पंजीकरण नही करवाया है उन्हे गत 1 अक्टूबर से किसी भी प्रकार का स्वास्थ्य परिलाभ आरजीएचएस मे दिया जाना संभव नही है। ऐसे कार्मिक जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन करवा लें ताकि उन्हें आगामी 1 जनवरी से योजना के लाभ मिलना शुरू हो जाये।
राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के उपनिदेशक ने बताया कि गत 1 जुलाई से कैशलेस इनडोर, डे केयर चिकित्सा लाभ प्रारंभ कर दिये गये हैं। इसी क्रम मे शीघ्र ही कैशलेस आउटडोर सुविधा का भी शुभारंभ कर दिया जायेगा। यह योजना 1 जनवरी 2004 से पूर्व नियुक्त राज्यकर्मियो पर अनिवार्य रूप से लागू है एवं 1 जनवरी 2004 व उसके बाद नियुक्त कार्मिको पर अंशदान कटौती वैकल्पिक होने के बावजूद भी राज मेडिक्लेम योजना का लाभ आरजीएचएस के माध्यम से ही कैशलेस दिये जाने के कारण उनका पंजीकरण भी करवाया जाना अनिवार्य है।
राज्यकार्मियों को आरजीएचएस पंजीकरण में सहायता प्रदान करने के लिये राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कार्यालय में आरजीएचएस हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। संबंधित विभाग के द्वारा अधिकृत कार्मिकों को प्रशिक्षण देने की भी यहॉं व्यवस्था है। आरजीएचएस पंजीकरण के लिये जनाधार पंजीयन संख्या/जनाधार संख्या की आवश्यकता होती है। समस्त आहरण वितरण अधिकारी अपने अधीन समस्त कार्मिकों को जनाधार कार्ड बनवाने एवं उसके माध्यम से आरजीएचएस में पंजीकरण करवाने के लिये निर्देशित करें।