पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर को आपातकाल के विरोध में विद्यार्थियों ने पेंटिंग बनाकर सौपा
आज मिर्ज़ापुर क्षेत्र में बिद्यार्थी द्रारा भारतीय लोकतंत्र की हत्या की गई उसके ऊपर विद्यार्थियों ने पेंटिंग बनाकर पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर को सौपा पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर ने कहा किकुछ तारीखें भूली नहीं जा सकतीं और आज वही तारीख है, जब वर्ष 1975 में सत्ता के लालच में, विपक्ष को कुचलने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी जी ने देश पर आपातकाल थोपा था। कांग्रेस आपातकाल के पक्ष में कुछ भी तर्क दे लेकिन इसकी तह में इंदिरा जी द्वारा जीते गए चुनाव को कोर्ट द्वारा अवैध घोषित किया जाना था, जिसमें उन्होंने सरकारी मशीनरी का जमकर दुरुपयोग किया था।
गुजरात और बिहार में छात्र आंदोलनों के बाद विपक्ष मुखर था, जय प्रकाश नारायण जी देश की आवाज बन चुके थे। 25 जून 1975 को पटना के गाँधी मैदान में जनसैलाब के बीच जेपी ने जब कवि रामधारी सिंह दिनकर की पंक्ति – सिंहासन खाली करो कि जनता आती है, कही तो पूरे देश ने इस आवाज को सुना और इंदिरा गांधी जी का सिंहासन हिल गया। उसी रात में उन्होंने राष्ट्रपति द्वारा देश में #आपातकाल की घोषणा करा दी।
देश में चुनावों पर पाबंदी लगा दी गई, संविधान के अंतर्गत जनता को मिले सभी मौलिक अधिकार समाप्त कर दिए गए और अटल जी, आडवाणी जी सहित जनता पार्टी, जनसंघ के सभी नेताओं को जेल में डाल दिया गया। श्री नरेंद्र मोदी जी ने एक सिख का भेष धारण कर उस दौरान संघर्ष किया और संगठन के संदेशों का आदान-प्रदान करते रहे। जिला महामंत्री मनोज बंसल ,सीताराम गुर्जर, जमुना लाल वैष्णव सावित्री देवी ,मनोज सैनी, राकेश सैनी ,विशाल सोलंकी ,बंटी सैनी, मिथिलेश ब्यास ,राहुल गुर्जर, राकेश जाटव आदि
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