सवाई माधोपुर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) देवेंद्र दीक्षित की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने गुरुवार को जिला कारागृह सवाई माधोपुर का त्रैमासिक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन में किया गया था।
निरीक्षण के दौरान जेल में कुल 86 बंदी मौजूद थे, जिनमें 3 सजायाफ्ता बंदी शामिल थे। अध्यक्ष देवेंद्र दीक्षित और बोर्ड के अन्य सदस्यों ने बंदियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने जेल में जाति या धार्मिक आधार पर किसी भी तरह के भेदभाव (भोजन व्यवस्था, विशेष उपचार, या समूह वर्गीकरण) के बारे में पूछताछ की। निरीक्षण में पाया गया कि फिलहाल लिंग, जाति या धार्मिक आधार पर कोई भेदभाव नहीं हो रहा है। यह भी पता चला कि राज्य सरकार ने अब बंदियों के रजिस्टर से जाति का कॉलम हटा दिया है।
बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने जेलर बिहारीलाल से जेल की भौतिक संरचना, नए बंदियों के विवरण, उनके मुकदमों, संबंधित पुलिस थानों और न्यायालयों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बंदियों को मिलने वाली विधिक सहायता, भोजन, पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में भी पूछताछ की।
निरीक्षण के दौरान जेल की छत का प्लास्टर टूटा हुआ पाया गया। इस पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता गोविंद सहाय मीना ने बताया कि मरम्मत के लिए बजट आवंटित हो चुका है और जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
इस दौरान चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल राधेश्याम जोगी, अधिकार मित्र धनराज मीना, और डॉक्टर मनोज गर्ग भी मौजूद रहे।
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