बुझ गया घर का चिराग, 4 मासूमों के सिर से उठा पिता का साया

बुझ गया घर का चिराग, 4 मासूमों के सिर से उठा पिता का साया

बाघ के हमलें में चरवाहे की मौत
बुझ गया घर का चिराग, 4 मासूमों के सिर से उठा पिता का साया
सवाई माधोपुर 7 जनवरी। (राजेष षर्मा)। जिले के खंडार उपखण्ड क्षेत्र की उपतहसील बहरावंडा कलां थाना क्षेत्र के कानेटी गांव में वन विभाग की बालेर रेंज के जंगल मे बकरी चराने गए चरवाहे पर पर बाघ ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया।
जानकारी के अनुसार कानेटी निवासी युवक पप्पूलाल गुर्जर पुत्र बद्रीलाल गुर्जर उम्र 25 वर्ष सुबह करीब 10 बजे अपनी बकरियों को चराने के लिए रोज की तरह गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर बीहड़ों में गया था। इससे पूर्व बीहड़ क्षेत्र में बाघ के मूवमेंट की कोई जानकारी ना तो गांव के लोगों को थी ना ही किसी चरवाहे को। रोज की तरह बेखौफ होकर चरवाहे बकरियां चराने के लिए जाते थे। दोपहर करीब 2 बजे अचानक बाघ ने झाड़ियों से निकलकर बकरी चरा रहे युवक की गर्दन को अपने मुंह में दबोच लिया। इस दौरान युवक ने अपने बचाव के लिए प्रयास भी किया पर गर्दन पकड़ में आ जाने के कारण ज्यादा देर तक युवक बाघ से संघर्ष नहीं कर सका। वहीं पास ही बकरी चरा रहे फतेहसिंह गुर्जर ने युवक पप्पू के चिल्लाने की आवाज सुनी तो दौड़कर घटनास्थल पर पहुंचा। उसने बाघ को युवक को खींचकर झाड़ियों की तरफ ले जाते देखा तो वह मदद के लिए जोर से चिल्लाया। जिस पर आसपास मौजूद लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। इस दौरान चरवाहों ने शोर मचाकर और लाठियां बजाकर बाघ को वहां से भगा दिया। बाघ के दूर निकल जाने के बाद चरवाहे युवक के पास पहुचें पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। युवक के गर्दन पर बाघ के दांतों से अंदर तक गहरे घाव हो जाने से युवक की घटना स्थल पर ही मौत हो गयी।
जानकारी के अनुसार बाघ के हमले की सूचना के मिलते ही कानेटी गांव के लोग घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े। देखते ही देखते घटनास्थल पर सैकड़ो की तादात में लोगों की भीड़ जमा हो गयी। ग्रामीण मृतक युवक के शव को चारपाई पर रखकर वन विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। सूचना पर पंहुचे वन विभाग के अधिकारियों की समझाइश पर शव को मृतक के गांव कानेटी लेकर आये। इस दौरान ग्रामीणों और परिजनों के गुस्से का सामना प्रशासन को करना पड़ा। काफी समझाइश के बाद मृतक युवक के शव को सीएचसी खंडार लेकर आये जहां डॉक्टरों ने युवक के शव का पोस्टमार्टम व जरूरी कार्यवाही के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया।
बाघ के हमले में जान गंवाने वाला मृतक युवक अपने पीछे रोता-बिलखता परिवार छोड़ गया। जानकारी के अनुसार मृतक युवक पप्पूलाल गुर्जर अपने माता पिता की इकलौती सन्तान था। वहीं मृतक की पत्नी और चार बच्चे हैं जिनमे 2 लड़के और दो लड़कियां हैं। युवक की मौत के बाद जैसे पूरे परिवार पर दुःखो का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक के बूढे माँ-बाप बार बार बेटे के जाने के गम में उसे पुकार कर बेहोश हो रहे थे। वहीं मृतक की पत्नी और बच्चों का भी रो रोकर बुरा हाल था।
आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि मृतक के परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। पप्पूलाल बकरियां चराकर जैसे तैसे अपने परिवार का लालन पालन कर रहा था। वहीं उसके माता पिता की वह आखरी उम्मीद थी। जिसे भी भगवान ने उनसे छीन लिया। पूरे गांव का माहौल गमगीन हो रहा था। युवक की मौत के बाद गांव में घरों में चूल्हें भी नहीं जले।
नोट:- समाचार के लिए फोटो भेजे हैं।

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