कलयुग में मोक्ष प्राप्ति का मार्ग है कथा श्रवण व नाम जप 

कलयुग में मोक्ष प्राप्ति का मार्ग है कथा श्रवण व नाम जप 

कलयुग में मोक्ष प्राप्ति का मार्ग है कथा श्रवण व नाम जप
बड़ी उदेई में चल रही भागवतकथा में प्रवचन देते हुए आचार्य कमलकिशोर शास्त्री ने कहा-गंगापुर सिटी
गांव बड़ी उदेई में मुनीम परिवार वालों की ओर से चल रही भागवतकथा में शुक्रवार को प्रवचन सुनने के लिए काफी संख्या में धर्मप्रेमी महिला-पुरुष उपस्थित हुए।
कथा में प्रवचन देते हुए आचार्य कमलकिशोर शास्त्री कारवाड वालों ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करना और भगवान श्रीकृष्ण का नाम लेना चाहिए। इससे मनुष्य को मोक्ष मिलता है। उन्होंने कहा त्रेता युग में भगवान विष्णु की भक्ति को सर्वस्व माना है। द्वापर युग में तप को विशेष महत्व दिया है। कलयुग में श्रीमद् भागवत कथा श्रवण को मोक्ष के द्वार का रास्ता माना है। कलयुग में आयु कम है। इसलिए भागवत कथा श्रवण से मोक्ष प्राप्त कर सकते हैं। राजा पारीक्षित को कथा श्रवण के सात दिन बाद मोक्ष मिला था। भगवान की निस्वार्थ भाव से अनन्य भक्ति करना चाहिए। भगवान से कुछ न मांगे। प्रभु भक्ति करते रहे। प्रभु खुद फल देते है। सारे पापों का नाश करते है। कहा परमार्थिक कार्य की कभी समाप्ति नहीं होती। पर मयार्दा के हिसाब से पूर्णता होना निश्चित है। हर वस्तु की प्राप्ति के साथ वियोग भी है। हर एक समय मनुष्य की भक्ति करना जीवन का मूल उद्देश्य होना चाहिए। लेकिन ईश्वरीय भक्ति, साधना, ध्यान, परोपकार के बाद पश्चाताप नहीं आनंद आत्म संतोष की अनुभूति प्राप्त होती है। अमृत से मीठा कुछ है तो वह भगवान का नाम है।

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