मंडेला की याद में किया वृक्षारोपण
सवाई माधोपुर 18 जुलाई। टीम हमारा पैगाम भाईचारे के नाम के द्वारा चलाए जा रहे मिशन कलाम साहब की याद में हरा भरा और मोहब्बत से रहे हिंदुस्तान के अंतर्गत रविवार को दक्षिण अफ्रीका के गांधी कहे जाने वाले नेल्सन मंडेला के जन्मदिन पर पीजी कालेज में प्रोफेसर सुर्य प्रकाश के सानिध्य में श्रमदान व वृक्षारोपण किया गया।
टीम सदस्य मोइन खान ने जानकारी देते हुए बताया कि नेल्सन मंडेला दक्षिण अफ्रीका के प्रथम अश्वेत राष्ट्रपति थे। राष्ट्रपति बनने से पूर्व वे दक्षिण अफ्रीका में सदियों से चल रहे रंगभेद विरोधी संघर्ष के कारण उन्होंने 27 वर्ष रॉबेन द्वीप के कारागार में बिताये। वे दक्षिण अफ्रीका एवं समूचे विश्व में रंगभेद का विरोध करने के प्रतीक बन गये। संयुक्त राष्ट्रसंघ ने उनके जन्म दिन को नेल्सन मंडेला अन्तर्राष्ट्रीय दिवस के में मनाने का निर्णय लिया।
नेल्सन मंडेला बहुत हद तक महात्मा गांधी की तरह अहिंसक मार्ग के समर्थक थे। उन्होंने गांधी को प्रेरणा स्रोत माना था और उनसे अहिंसा का पाठ सीखा था।
शिक्षा के महत्व को समझाते हुए मंडेला ने कहा था कि शिक्षा दुनिया का सबसे शक्तिशाली हथियार है, जिससे आप दुनिया को बदल सकते हो।
हुसैन खान ने बताया कि वे कहते थे कि मैंने ये जाना है कि डर का ना होना साहस नही है, बल्कि डर पर विजय पाना साहस है. बहादुर वह नहीं है जो भयभीत नहीं होता, बल्कि वह है जो इस भय को परास्त करता है।
प्रोफेसर रामलाल बैरवा ने मंडेला को याद करते हुए बताया कि वे जातिवाद से घृणा करता थे। इस अवसर पर प्रोफेसर राम लाल डाक्टर हनुमान प्रसाद जुगराज धनसिंह राजेश धनौली सोनू खान नावेद फिरोज रवि आदि मौजूद रहे।