विद्यालय विकास के लएि ग्रामीणों ने करोड़ों की भूमि व लाखों रूपये का किया सहयोग

विद्यालय विकास के लएि ग्रामीणों ने करोड़ों की भूमि व लाखों रूपये का किया सहयोग

विद्यालय विकास के लएि ग्रामीणों ने करोड़ों की भूमि व लाखों रूपये का किया सहयोग
सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आटूण कला जो कभी भौतिक सुख सुविधाओं के अभावों का दशं झेल रहा था। विद्यालय मे कार्यरत स्टाफ, एस एम सी सदस्य व ग्रामीणों ने मिल कर इन समस्याओं से मुकाबला करने का संकल्प लेते हुए एक अभियान चलाया।
संस्था में पूर्व में पदस्थापित रहे प्रधानाध्यापक रामगोपाल सिंहल, मोतीलाल मीना व वर्तमान में कार्यरत प्रधानाचार्य श्योजी लाल मीना ने ग्रामीणों को शिक्षा के इस मंदिर की दशा ओर दिशा दोनों में परिवर्तन करने के लिए प्रेरित किया।स्थानीय विद्यालय मे कार्यरत वरिष्ठ अध्यापक एवं शिक्षक अभिभावक परिषद कार्य योजना प्रभारी सी एल रावंल ने बताया कि यह टीम भावना का ही परिणाम है कि आज हमारा विद्यालय भौतिक व शैक्षणिक सुविधाओ में शहर के बड़े निजी विद्यालय से कम नहीं है। स्टाफ की प्रशासनिक व शालीनता का परिणाम हैं कि इस विद्यालय को भामाशाहों का भरपूर सहयोग बना रहता है चाहे वृक्षारौपण कार्यक्रम हो या अन्य कोई भी कार्यक्रम। भामाशाह सदैव विद्यालय हित में कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तैयार हैं।
रांवल ने बताया कि भामाशाहों के सार्थक प्रयासों का परिणाम है कि आज विद्यालय को करीब दस बीघा खातेदारी जमीन मिल चुकी है। जिला मुख्यालय के नजदीक होने के कारण आज उस जमीन की कीमत करीब दो करोड़ हैं हाल में राजस्व गांव की सरसों की तूडी़ से मिलने वाली करीब बाइस लाख रुपए की राशि भी ग्रामीणों ने विद्यालय विकास हेतु प्रदान करने का प्रस्ताव ले लिया है। भामाशाहों के सहयोग से इस विद्यालय की भौतिक सुविधा एकाएक बढ़ने लगी। परिणाम स्वरूप शैक्षणिक स्तर में सुधार होने लगा, बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम उत्कृष्ट रहने के साथ साथ राज्य सरकार द्वारा संचालित गतिविधियों में भी विद्यालय मे अध्ययनरत विद्यार्थी अव्वल आने लगे हैं, बच्चों को शुद्ध पेयजल के लिए आर ओ, छोटे बच्चों के लिए ए बी एल कक्ष भी विद्यालय की शोभा बढ़ाने का काम कर रहे हैं वही उच्च कक्षाओं में कम्प्यूटर शिक्षा की भी सुविधा उपलब्ध है।
विद्यालय की कायापलट करने मे ग्रामीणों के साथ साथ शिक्षक भी स्वयं के विद्यालय मे भामाशाह की भूमिका निभा रहे हैं ग्रामीण भी विद्यालय की बदलती तस्वीर व सुधरते शैक्षणिक स्तर को लेकर प्रसन्न है।
प्रधानाचार्य श्योजी लाल मीना ने कहा कि विद्यालय विकास मे भामाशाहों का भरपूर सहयोग रहा है अब तक करीब दो करोड़ की भूमि व पच्चीस लाख रुपए का सहयोग मिल चुका है भौतिक व शैक्षणिक स्तर सुधारने में मेरे स्टाफ का अधिक सहयोग है। टीम भावना से हर मुश्किल काम भी सरल बन जाता है।

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