यूपी में बेकाबू होते कोरोना संक्रमण पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा आदेश
लखनऊ/प्रयागराज। हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से कहा है कि ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे पंचायत चुनावों के नामांकन-प्रचार में न हो भीड़ और कोरोना गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन किया जाए। चीफ जस्टिस गोविंद माथुर एवं जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा की बेंच ने आज यह आदेश दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि किसी भी स्थान पर पर एकत्र भीड़ को किया जाये तितर-बितर। सौ फीसदी लोगों का मास्क पहनना हो अनिवार्य, पुलिस और जिला प्रशासन करे सुनिश्चित। कोरोना की दूसरी लहर को रोकने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने का हाईकोर्ट ने दिया आदेश।
सभी जिलों के डीएम को कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने का निर्देश। कोर्ट ने देर शाम समारोह में भीड़ को नियंत्रित करने व रात्रि कर्फ्यू पर विचार करने का दिया निर्देश। 45 वर्ष से ऊपर की आयु के बजाय सभी लोगों का उनके घरों पर वैक्सीनेशन पर सरकार करे विचार। हाईकोर्ट ने हाईस्कूल और इंटर के छात्रों का भी कोविड जांच का दिया आदेश। कोरोना संक्रमण को लेकर दाखिल याचिका पर 8 अप्रैल 2021 को वीडियो कांफ्रेंसिंग से होगी सुनवाई।
इस बीच आज लखनऊ विवि के वरिष्ठ शिक्षक पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त प्रोफेसर बी. के. शुक्ला का कोरोना से दु:खद निधन हो गया। इससे पूर्व गत दिनों पूर्व परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर एके शर्मा का भी कोरोना से निधन हो चुका है तथा कई अन्य शिक्षक/प्रोफेसर भी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलसचिव विनोद कुमार ने विश्वविद्यालय को 10 अप्रैल तक के लिए बंद कर दिया है, जबकि शिक्षक संघ की ओर से आज मांग की गई कि लखनऊ विश्वविद्यालय में बढ़ते संक्रमण की रोकथाम हेतु विवि को 20 अप्रैल तक के लिए बंद किया जाए। शिक्षक संघ की ओर से कहा गया है कि कोविड के चयन को तोड़ने के लिए विवि को बंद करना जरूरी है।
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