करीब एक माह की विदेश यात्रा से लौटते ही राहुल गांधी ने बहन प्रियंका के साथ यूपी का चुनावी घोषणा पत्र जारी किया।

करीब एक माह की विदेश यात्रा से लौटते ही राहुल गांधी ने बहन प्रियंका के साथ यूपी का चुनावी घोषणा पत्र जारी किया।

करीब एक माह की विदेश यात्रा से लौटते ही राहुल गांधी ने बहन प्रियंका के साथ यूपी का चुनावी घोषणा पत्र जारी किया।
20 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दिलवाने का वादा। फूलप्रूफ होगी परीक्षा प्रणाली।
राजस्थान में संविदा कर्मियों को अभी भी स्थाई नौकरी की आस।
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उत्तर प्रदेश में जब पहले चरण का मतदान 10 फरवरी को होना है, तब राहुल गांधी करीब एक माह की विदेश यात्रा से लौट आए हैं। राहुल गांधी दिसंबर के अंतिम सप्ताह में अपने ननिहाल इटली गए थे। राहुल ने नववर्ष भी विदेश में ही मनाया। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला का कहना रहा कि राहुल गांधी निजी यात्रा पर विदेश गए हैं। चुनाव आयोग ने जब पांच राज्यों में मतदान की तिथियां घोषित की तब भी राहुल गांधी विदेश में ही थे। अब अपने देश लौटते ही 21 जनवरी को राहुल गांधी ने अपनी बहन और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के साथ उत्तर प्रदेश का चुनावी घोषणा पत्र जारी किया। राहुल ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी की है। इसलिए हमने घोषणा पत्र को रोजगार पर फोकस किया है। आंकड़े बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन 880 युवा बेरोजगार हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो नीतियां बनाई है उसका फायदा देश के दो-तीन उद्योगपतियों को मिल रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि हमारे घोषणा पत्र के अनुसार कांग्रेस की सरकार बनने पर 20 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद प्रियंका गांधी ने बताया कि 20 लाख नौकरियां किन किन विभागों में दी जाएगी। प्रियंका ने शिक्षा विभाग से लेकर आंगनबाड़ी में रिक्त पदों के बारे में जानकारी दी। प्रियंका ने उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति का भी वादा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासन में परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक हो रहे हैं, जिसकी वजह से युवाओं का भरोसा परीक्षा प्रणाली पर से समाप्त हो गया है। कांग्रेस की सरकार बनने पर फूलप्रूफ परीक्षा प्रणाली विकसित की जाएगी।
राजस्थान में संविदा कर्मी स्थाई नौकरी की आस में:
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भले ही उत्तर प्रदेश में 20 लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया हो, लेकिन कांग्रेस शासित राजस्थान में हजारों संविदा कर्मियों को अभी भी स्थाई नौकरी की आस है। गत विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस ने वादा किया था कि संविदा कर्मियों को स्थाई किया जाएगा। लेकिन तीन वर्ष गुजर जाने के बाद भी संविदा कर्मियों को स्थाई नहीं किया गया है। प्रदेश भर के संविदा कर्मी जयपुर में बेमियादी धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से लेकर पंचायत सहायक तक शामिल है। राजस्थान में युवाओं को सरकारी नौकरियां दिलवाने के लिए ही प्रदेश के युवाओं ने लखनऊ में कांग्रेस कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन भी किया था। राजस्थान एकत्रित बेरोजगार महासंघ के अध्यक्ष उपेन यादव का कहना है कि भर्तियां निकाली ही नहीं जा रही है। राजस्थान में परीक्षा सिस्टम भी बुरी तरह प्रभावित है। रीट परीक्षा का प्रश्न पत्र आउट करने वाले गिरोह के सदस्य अभी तक गिरफ्तार हो रहे हैं। अधिकांश भर्तियां अदालतों में अटकी पड़ी हैं, तो वहीं सभी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र आउट होने की शिकायतें मिलती हैं। अच्छा हो कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने युवाओं को नौकरी देने के लिए जो वादे उत्तर प्रदेश में किए हैं, उनकी क्रियान्विति कांग्रेस शासित राजस्थान में कराई जाए।

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