Karauli : भेड़ पालकों को खाद्य सामाग्री उपलब्ध कराने की सूचना चैक पोस्टों पर लगाऐं-जिला कलक्टर।

Karauli : भेड़ पालकों को खाद्य सामाग्री उपलब्ध कराने की सूचना चैक पोस्टों पर लगाऐं-जिला कलक्टर।

करौली :पश्चिमी राजस्थान के विभिन्न जिलों से चराई के लिए जिले में आने वाली भेडों के निष्क्रमण के दौरान व्यवस्था एवं कानून व्यवस्था को बनाएं रखने तथा भेडों के रास्ते के लिए विचलन एवं चारागाहों पर स्थानीय ग्रामवासियों से विवाद को रोकने के लिए पुलिस, वन, राजस्व एवं पशुपालन विभाग द्वारा 1 जुलाई 2022 से 31 अक्टूबर 2022 तक सम्मिलित कार्यक्रम चलाया जाएगा जिसकी तैयारियों से संबंधित भेड निष्क्रमण बैठक जिला कलक्टर अंकित कुमार सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। जिसमें उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए। जिला कलक्टर ने जिला रसद अधिकारी को निर्देशित किया की भेड पालकों को राशन सामग्री कहां से उपलब्ध होगी इसकी सूचना चैक पोस्टों पर प्रदर्शित करें।
जिला कलक्टर ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों से भेड़ निष्क्रमण के दौरान की जाने वाली व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी लेते हुए भेड़ निष्क्रमण हेतु स्थापित की जाने वाली चैक पोस्ट, भेड़ों के आने के रास्तों, वापसी जाने की मार्गों, पशुपालकों को परिचय पत्र, पर्याप्त मात्रा में औषधियों व वैक्सीन आदि के बारे में चर्चा की।बैठक में संयुक्त निदेशक पशुपालन डॉ. खुशीराम मीना ने बताया कि भेड़ निष्क्रमण के दौरान इस वर्ष 50 हजार भेड़ों के आने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि भेडों के प्रवेश स्थल की चैक पोस्टों पर पशुपालन विभाग द्वारा भेडपालकों को परिचय पत्र दिए जाएंगे तथा वन विभाग द्वारा चराई के सैक्टर आवंटन के अनुसार शुल्क वसूल कर रसीद दी जाएंगी। जिसमें चराई सैक्टर अंकित होगा। उन्होंने बताया कि गत वर्ष 2021 में जिले में भेड निष्क्रमण पर 36 हजार 91 भेड, 3 हजार 470 बकरी, 469 ऊंट एवं 40123 अन्य पशु आए। गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी जिले में भेड़ निष्क्रमण हेतु आने वाली भेड़ों का लक्ष्य 50 हजार लक्ष्य रखा गया है।उन्होंने बताया कि भेड़ों के आगमन मार्ग के अंतर्गत उत्तर प्रदेश की ओर से प्रथम मार्ग भरतपुर, बयाना, सूरौठ, हिण्डोन होते हुए करौली।
इसी प्रकार द्वितीय भरतपुर से ढहरामोड, छोंकरवाडा, भुसावर, तालचिडी, महुइब्राहिमपुर, हिण्डौन होते हुए करौली एवं तृतीय भरतपुर से ढहरामोड, महुवा, हिण्डौन, करौली निर्धारित है। उन्होंने बताया कि हरियाणा की आरे से आगमन के अंतर्गत अलवर, मण्डावर, महुवा, हिण्डौन, करौली एवं बांदीकुई, सिकन्दरा, गुढाचन्द्रजी, नादौती, गंगापुरसिटी करौली तथा दौसा, लालसोट, डाबर, गंगापुरसिटी होते हुए करौली मार्ग रहेगा। उन्होंने बताया कि भेडों के वापसी मार्ग के अंतर्गत प्रथम करौली, सरमथुरा, धौलपुर, मुरैना द्वितीय करौली, खेडा, गंगापुरसिटी, इन्द्रगढ एवं तृतीय करौली, खेडा, गंगापुरसिटी, दौसा के निर्धारित है।उन्होंने बताया कि पूर्व की भांति जिला कलक्टर कार्यालय में जिला स्तरीय भेड निष्क्रमण नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा तथा पशुपालन विभाग द्वारा विभागीय स्तर पर भी भेड निष्क्रमण कक्ष स्थापित कर दिया गया है।
जिसके प्रभारी अधिकारी डॉ. शिवसिंह सांवरिया होंगे जिनके मोबाईल नम्बर 9001270472 है। नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नम्बर 07464-250390 है जो 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2022 तक कार्यरत रहेगा। उन्होंने बताया कि चैकपोस्ट स्थापना एवं समन्वित भ्रमण टीम गठन के अंतर्गत विभाग द्वारा 9 अस्थाई भेड़ निष्क्रमण चैकपोस्ट की स्थापना करते हुए स्टाफ की ड्यूटी लगा दी है।जिसमें क्यारदाखुर्द, सूरौठ, कुडगांव, नादौती, बगडों की घाटी, हाडौती, खोहरी, लांगरा एवं मासलपुर चैकपोस्ट रहेगी। प्रत्येक चैक पोस्ट पर वन विभाग के दो कर्मचारी, पुलिस, होमगार्ड के चार कर्मचारी तथा राजस्व विभाग का एक कर्मचारी तैनात रहेगा जहां रजिस्टर संधारण किया जाएगा। जिसमें भेडपालक का नाम, मोबाईल नम्बर, भेडों की संख्या, परमिटी की संख्या, भेड़ चराई का स्थान आदि विवरण अंकित किया जाएगा। इसी प्रकार विभाग द्वारा निष्क्रमण पर आई भेडों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी।उन्होंने बताया कि भेड़ निष्क्रमण के दौरान गांव वासियोें व भेडपालकों के ठहराव, उनके मार्गों को लेकर आपसी तनाव न हो इसके लिए पांच मोबाईल पार्टियो का गठन किया गया जिसमें एक हैड कॉन्सटेबल, चार कॉन्सटेबल, होमगार्ड, एक कर्मचारी वन विभाग से तथा आवश्कता पडने पर पशुपालन विभाग का एक कर्मचारी भी पार्टी के साथ जाएगा।
उन्होंने बताया कि भेड निष्क्रमण के अंतर्गत जिले में 6 संवेदनशील स्थलों का चयन किया है जिसमें डांडा, खरैटा, करसोली, लांगरा, भांकरी, चैनपुर, अतेवा, खोहरी, धांधुरेत, नींदर, धौरेटा शामिल है जहां शांति व्यवस्था एवं भेडपालकों की सुरक्षा हेतु विशेष निगरानी रखने हेतु पुलिस विभाग द्वारा भ्रमण टोलियों का गठन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भेड पालकों को खाद्य आपूर्ति, चिकित्सा एवं साक्षरता की व्यवस्था संबंधित विभागों द्वारा की जाएगी। इस अवसर पर डीएफओ सुमित बंसल, डॉ रामानन्द भाकर, अतिरिक्त जिला कलक्टर परशराम मीणा सहित पुलिस, वन, चिकित्सा, रसद, शिक्षा आदि विभागों के  अधिकारी मौजूद रहे।

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