banner

भारत के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों का निर्यात पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में वर्तमान वित्त वर्ष (2022-23) के पहले तीन महीनों

पिछले वर्ष की वृद्धि को जारी रखते हुए वर्तमान वित्त वर्ष 2022-23 (अप्रैल-जून) के पहले तीन महीनों में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात में वित्त वर्ष 2021-22 की इसी अवधि की तुलना में 31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

वाणिज्यिक खुफिया और सांख्यिकी महानिदेशालय (डीजीसीआईएंडएस) द्वारा जारी अनंतिम आंकड़ों के अनुसार, एपीडा उत्पादों का कुल निर्यात अप्रैल-जून 2022 में बढ़कर 7408 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी समान अवधि में 5663 मिलियन अमेरिकी डॉलर था। अप्रैल-जून 2022-23 के लिए निर्यात लक्ष्य 5890 मिलियन अमरीकी डालर निर्धारित किया गया था।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) द्वारा की गई पहलों ने देश को वर्तमान वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कुल निर्यात लक्ष्य का 31 प्रतिशत हासिल करने में सहायता प्रदान की है।

कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के लिए वर्ष 2022-23 हेतु एपीडा द्वारा 23.56 बिलियन अमरीकी डॉलर का निर्यात लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

डीजीसीआईएंडएस के अनंतिम आंकड़ों के अनुसार, ताजे फल और सब्जियों में चार प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि प्रसंस्कृत फलों और सब्जियों में पिछले वर्ष के इसी महीनों की तुलना में 59.71 प्रतिशत (अप्रैल-जून 2022) की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

इसके अलावा, अनाज और विविध प्रसंस्कृत वस्तुओं जैसे प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों ने पिछले वर्ष की पहली तिमाही की तुलना में 37.66 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।

अप्रैल-जून, 2021 में ताजे फल और सब्जियों का निर्यात 394 मिलियन अमरीकी डालर का था जो वर्तमान वित्त वर्ष के इसी महीनों में बढ़कर 409 मिलियन अमरीकी डालर हो गया। वर्तमान वित्त वर्ष की पहली तिमाही में प्रसंस्‍कृत एफएंडवी का निर्यात बढ़कर 490 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष के इसी महीने में 307 मिलियन अमेरिकी डॉलर था।

वित्त वर्ष 2022-23 के पहले तीन महीनों में बासमती चावल के निर्यात में 25.54 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, क्योंकि इसका निर्यात 922 मिलियन अमरीकी डालर (अप्रैल-जून 2021) से बढ़कर 1157 मिलियन अमरीकी डॉलर (अप्रैल-जून 2022) हो गया, जबकि गैर-वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बासमती चावल में 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वर्तमान वित्त वर्ष के पहले तीन महीनों में गैर-बासमती चावल का निर्यात बढ़कर 1566 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष के इसी महीने में 1491 मिलियन अमेरिकी डॉलर था।

वर्तमान वित्त वर्ष की पहली तिमाही में मांस, डेयरी और पोल्ट्री उत्पादों के निर्यात में 9.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई और अन्य अनाजों के निर्यात में 29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। एकमात्र डेयरी उत्पादों ने 67.15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की क्योंकि इसका निर्यात वर्तमान वित्त वर्ष के पहले तीन महीनों में बढ़कर 191 मिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष के इसी महीनों में 114 मिलियन अमरीकी डॉलर था।

यह भी पढ़ें :   केंद्रीय बजट 2022 की घोषणाओं के कार्यान्वयन पर वेबिनार

अन्य अनाजों का निर्यात अप्रैल-जून 2021 में 237 मिलियन अमरीकी डॉलर से बढ़कर अप्रैल-जून 2022 में 306 मिलियन अमरीकी डॉलर हो गया और पशुधन उत्पादों का निर्यात अप्रैल-जून 2021 में 1022 मिलियन अमरीकी डॉलर से बढ़कर अप्रैल-जून 2022 में 1120 मिलियन अमरीकी डॉलर हो गया।

एपीडा के अध्यक्ष डॉ एम.अंगमुथु ने कहा हम देश से अद्वितीय उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कृषि उत्‍पाद मूल्य श्रृंखला में विभिन्न हितधारकों को तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करना जारी रखे हुए हैं।

डीजीसीआईएंडएस के आंकड़ों के अनुसार, 2021-22 के दौरान देश के कृषि उत्पादों का निर्यात 19.92 प्रतिशत बढ़कर 50.21 बिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुंच गया। विकास दर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह 2020-21 में प्राप्त 41.87 बिलियन अमरीकी डॉलर की 17.66 प्रतिशत की वृद्धि से अधिक है और इसे उच्च माल ढुलाई दरों और कंटेनर की कमी आदि के रूप में अभूतपूर्व लॉजिस्टिक चुनौतियों के बावजूद हासिल किया गया है।

एपीडा ने 2021-22 में 25.6 बिलियन अमरीकी डॉलर के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों का निर्यात करके एक नया इतिहास रचा था, जो भारत के कुल कृषि वस्तुओं के निर्यात का लगभग 51 प्रतिशत अर्थात 50 बिलियन अमरीकी डॉलर से अधिक था।

अंगमुथु ने कहा कि कृषि-निर्यात मूल्य श्रृंखलाओं में प्रमुख हितधारकों के सहयोग के साथ-साथ निर्यात का एक आवश्यक इको-सिस्टम बनाने के माध्यम से  हम वर्तमान वित्त वर्ष में भी भारत के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात में वृद्धि को निरंतर रूप से बनाए रखने का लक्ष्य बना रहे हैं।

कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात में वृद्धि कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एपीडा की विभिन्न पहलों का परिणाम है जैसे कि भारतीय दूतावासों की सक्रिय भागीदारी से विभिन्न देशों में बी2बी प्रदर्शनियों का आयोजन, उत्पाद-विशिष्ट और सामान्य विपणन अभियानों के माध्यम से नए संभावित बाजारों की खोज करना।

एपीडा ने संयुक्त अरब अमीरात के साथ कृषि और खाद्य उत्पादों पर और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ हस्तशिल्प सहित जीआई उत्पादों पर वर्चुअल क्रेता-विक्रेता बैठक का आयोजन करके भारत में पंजीकृत भौगोलिक संकेत (जीआई) वाले उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं।

भारतीय शराब के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए, एपीडा ने 7-9 जून, 2022 के बीच आयोजित लंदन वाइन फेयर में 10 शराब निर्यातकों को भागीदारी की सुविधा प्रदान की।

एपीडा ने हाल ही में गुवाहाटी, असम में पूर्वोत्तर राज्यों से प्राकृतिक, जैविक और जीआई-कृषि उत्पादों की निर्यात क्षमता को बढ़ावा देने पर एक सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों से संपर्क कायम करते हुए असम और पड़ोसी राज्यों में उगाए जाने वाले प्राकृतिक, जैविक और जीआई कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना है।

यह भी पढ़ें :   उद्योग मंत्री ने ग्राम पंचायत प्रशासन गांवों के संग अभियान का किया निरीक्षण शिविर में प्राप्त सभी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करवाने के दिये निर्देश

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के सहयोग से, एपीडा ने हाल ही में एक अंतर्राष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता बैठक का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य लद्दाख से खुबानी और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना है। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख एंव जम्मू-कश्मीर के अठारह उद्यमियों ने खुबानी और अन्य कृषि उत्पादों की एक श्रृंखला प्रदर्शन किया। इस आयोजन में भारत, अमेरिका, बांग्लादेश, ओमान, दुबई के बीस खरीदारों ने भाग लिया।

एपीडा ने 13 जून को किंगडम ऑफ बहरीन में आठ दिवसीय मैंगो फेस्टिवल का शुभारंभ किया। शो में  पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा सहित पूर्वी राज्यों के आमों की 34 किस्मों को बहरीन के अल जज़ीरा समूह सुपरमार्केट में प्रदर्शित किया गया था।

बहरीन में मैंगो शो ‘मैंगो फेस्टिवल 2022’ के तहत भारतीय आमों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों का पता लगाने की एपीडा की नई पहल का एक अंग है। यह भारतीय आमों के लिए वैश्विक मंच प्रदान करने की एपीडा की प्रतिबद्धता का परिणाम है कि पूर्वी राज्यों के आमों की 34 किस्मों को बहरीन में प्रदर्शित किया गया है। पहले के अवसरों पर, अधिकांश वैश्विक कार्यक्रमों में दक्षिणी राज्यों से आम की किस्मों जैसे अल्फांसो, केसर, बंगनपल्ली आदि को प्रदर्शित किया गया था।

निर्यात किए जाने वाले उत्पादों के निर्बाध गुणवत्ता प्रमाणन को सुनिश्चित करने के लिए, एपीडा ने उत्पादों और निर्यातकों की एक विस्तृत श्रृंखला को परीक्षण सेवाएं प्रदान करने के लिए पूरे भारत में 220 प्रयोगशालाओं को मान्यता दी है।

 

       भारत का निर्यात तुलनात्मक विवरण: एपीडा उत्‍पाद

प्रमुख उत्‍पाद

अप्रैल-जून,2021

अप्रैल-जून,2022

प्रतिशत बदलाव (अप्रैल-जून,2022)

अमरीकी डॉलर मिलियन

फल और सब्जियां

394

409

3.74

अनाज की तैयारी और विविध प्रसंस्कृत उत्‍पाद

830

1143

37.6

मांस, डेयरी और पोल्ट्री उत्पाद

1022

1120

9.5

बासमती चावल

922

1157

25.5

गैर बासमती चावल

1491

1566

5

विविध उत्पाद

1004

2013

50

कुल

5663

7408

30.81

 

स्रोत: डीजीसीआईएस प्रमुख कमोडिटी डेटा अप्रैल-जून, 2022) (अनंतिम डेटा)

भारत का निर्यात तुलनात्मक विवरण: एपीडा उत्पाद

प्रमुख उत्‍पाद

अप्रैल-जून,2021

अप्रैल-जून (2022)

प्रतिशत बदलाव (अप्रैल-जून,2022)

इकाई: अमरीकी डॉलर मिलियन

फूलों की खेती और बीज

54

58

7.61

फल सब्जियां

394

409

3.74

प्रसंस्कृत फल और सब्जियां

307

490

59.71

पशुधन उत्पाद

1022

1120

9.50

अन्य प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ

830

1143

37.66

अनाज

2941

4103

39.52

काजू

114

85

-25.42

कुल

5663

7408

30.81

स्रोत: डीजीसीआईएस प्रमुख कमोडिटी डेटा अप्रैल-जून, 2022) (अनंतिम डेटा)

 

***

एमजी/एएम/एसएस/एसके

यह भी देखें :   Gangapur City: पुष्कर में अतिक्रमण दस्ते से मारपीट के विरोध में नगर परिषद कर्मचारियों ने दिया ज्ञापन

अपना सहयोग अवश्य दें।

हमें आपके सहयोग की आवश्यकता है, अपना छोटा सा सहयोग देकर हमें आगे बढ़ने में सहायता प्रदान करें।

क्लिक करें