‘काशी तमिल संगमम्’ में भाग लेने वाले तमिलनाडु के छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने ‘त्रिवेणी संगम’ में पवित्र डुबकी लगाई

तमिलनाडु के छात्रों का एक समूह जैसे ही प्रयागराज शहर की यात्रा पर आया ‘संगम नगरी’ ‘काशी तमिल संगमम्’ से गूंज उठी। संगम घाट पर पहुंचने पर छात्रों का यह समूह ‘हर हर महादेव’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते हुए काफी उत्साहित नजर आया और प्रयागराज के स्थानीय निवासियों ने भी उनका तहेदिल से स्वागत किया।

छात्रों की इस टोली ने त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने के बाद संगम तट पर स्थित हनुमान जी के दर्शन किए और उसके बाद उन्‍होंने ‘श्री आदि शंकर विमान मंडपम’ के भी दर्शन किए।

 

प्रयागराज के जिला प्रशासन ने यात्रा पर आए छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के लिए बड़ी अच्‍छी व्यवस्था की थी। जिला प्रशासन के चुनिंदा सदस्य इन छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को प्रयागराज शहर में और उसके आसपास के विभिन्न स्थानों अर्थात् – अक्षयवट (‘अविनाशी बरगद का पेड़’, जो हिंदू पौराणिक कथाओं में वर्णित एक पवित्र अंजीर का पेड़ है), चंद्रशेखर आजाद पार्क, प्रयागराज संग्रहालय और श्री स्वामीनारायण मंदिर ले गए। ‘संगम नगरी’ में अपनी यात्रा के समापन के बाद, तमिलनाडु के छात्रों का यह प्रतिनिधिमंडल प्राचीन और पवित्र शहर अयोध्या के लिए रवाना हुआ।

अयोध्या के लिए रवाना होने के दौरान, छात्रों के इस समूह के सदस्यों में भारी उत्साह देखा गया और उन्होंने विभिन्न भ्रमण स्थलों पर ‘सेल्फी’ ली। वे देखे गए स्थलों के इतिहास के बारे में भी अधिक से अधिक जानने के इच्छुक थे। जिला प्रशासन ने एक पहल के रूप में, अपनी टीम के उन सदस्यों को चुना जो तमिल भाषा और संस्कृति से परिचित थे, ताकि बातचीत के दौरान किसी भी भाषाई बाधा से बचने के लिए छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को एस्कॉर्ट किया जा सके।

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