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18 वर्ष वालों को वैक्सीन लगाने के लिए 200 करोड़ डोजेज चाहिए।

18 वर्ष वालों को वैक्सीन लगाने के लिए 200 करोड़ डोजेज चाहिए।
नेगेटिव रिपोर्ट के बाद भी कोरोना का संक्रमण। सभी संक्रमित के लिए जरूरी नहीं है रेमडेसिवीर इंजेक्शन।
कोरोना के नियंत्रण पर अजमेर के जेएलएन अस्पताल के सहायक आचार्य डॉ. पीयूष अरोड़ा के महत्वपूर्ण टिप्स।
फैलते संक्रमण की वजह से किशनगढ़ के विधायक सुरेश टाक ने पुत्र का विवाह टाला।
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अब जब प्रदेश और देश में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है, तब लोगों को संक्रमित होने से बचने के लिए अजमेर के जेएलएन अस्पताल के अस्थमा विभाग के सहायक आचार्य डॉ. पीयूष अरोड़ा ने महत्वपूर्ण टिप्स दिए हैं। साथ ही कोरोना को लेकर अनेक भ्रांतियों का निराकरण भी किया है। डॉ. पीयूष ने माना कि कई आरटी पीसीआर टेस्ट में रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद भी मरीज संक्रमित होता है। इसके कई कारण है। कई बार नाक और मुंह से स्वेग सही तरीके से नहीं लिया जाता है। वैसे भी इस टेस्ट में 100 से 30 व्यक्तियों की रिपोर्ट को लेकर संशय बना रहता है। इसलिए नेगेटिव रिपोर्ट आने के बाद भी एक्सरे या सीटी स्केन करवाया जाता है। टेस्ट की रिपोर्ट के मामले में चिकित्सक की सलाह को मानना चाहिए। डॉ. पीयूष ने कहा कि रेमडेसिवीर इंजेक्शन हर संक्रमित मरीज के लिए जरूरी नहीं है। जिन संक्रमित मरीजों का ऑक्सीजन लेवल कम है और उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही है उन्हें ही इस इंजेक्शन जरुरत होती है। यह इंजेक्शन चिकित्सक की सलाह पर ही लगवाना चाहिए। सप्लाई कम होने के कारण अभी रेमडेसिवीर इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, लेकिन जो संक्रमित सरकारी अस्पतालों में भर्ती हैं, उन्हें परेशान होने की जरुरत नहीं है। अस्पताल में इलाज के और भी विकल्प होते हैं। वैक्सीन के दोनों डोज लगवाने के बाद व्यक्ति को यह नहीं समझना चाहिए कि अब उसे संक्रमण नहीं होगा। असल में दोनों डोज लगने से शरीर में जीवाणुओं से लड़ने की क्षमता बढ़ती है, लेकिन कई बार वायरस का हमला ज्यादा बड़ा और घातक होता है। ऐसे में दोनों डोज लगवाने वाला व्यक्ति भी संक्रमित हो सकता है। हमें यह भी समझना चाहिए कि अभी देश के सभी व्यक्तियों को वैक्सीन नहीं लगी है। ऐसे में कोई भी संक्रमित व्यक्ति हमें संक्रमित कर सकता है। सरकार ने 18 वर्ष वाले प्रत्येक व्यक्ति के वैक्सीन लगाने का निर्णय लेकर कोरोना को रोकने का बड़ा काम किया है। देश में 18 वर्ष वाले व्यक्तियों की संख्या करीब 100 करोड़ है। यानी हमें 200 करोड़ डोजे की जरुरत होगी। सरकार ने वैक्सीन को खुले बाजार से खरीदने की छूट दे दी है, इसलिए अब लोगों को वैक्सीन आसानी से उपलब्ध होगी। डॉ. पीयूष ने कहा कि वैक्सीन लगवाने में कोई हिचक नहीं होनी चाहिए। अब 18 वर्ष वाले प्रत्येक व्यक्ति को वैक्सीन लग रही है। इसका फायदा अधिक से अधिक लोगों को उठाना चाहिए। डॉ. पीयूष ने कहा कि मौजूदा समय में मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करना बेहद जरूरी है। वैसे तो घर के बाहर निकला ही नहीं चाहिए। लेकिन यदि जरूरी हो तो मुंह पर मास्क अनिवार्य तौर पर लगाया जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर का सबसे बड़ा कारण लोगों की लापरवाही है। पिछले दिनों लोगों ने शादी ब्याह में बढ़चढ़ कर भाग लिया। सामाजिक कार्यों में भीड़ भी देखी गई। हजारों की भीड़ में लोगों ने मास्क नहीं लगाया। इस लापरवाही का परिणाम अब भुगतना पड़ रहा है। डॉ. पीयूष ने कहा कि लोग अपने घरों में रह कर संक्रमण से बच सकते हैं।
विवाह टला:
कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए किशनगढ़ के विधायक सुरेश टाक ने अपने पुत्र राहुल टाक का विवाह समारोह स्थगित कर दिया है। टाक ने बताया कि 30 अप्रैल को होने वाले विवाह के निमंत्रण पत्र भी छप गए थे। यहां तक कि जयपुर में होटल को बुक भी करवा दिया गया था। दो दिन पहले वे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को निमंत्रण देने गए थे। तब गहलोत ने कोरोना की भयावह स्थिति को देखते हुए विवाह को टालने का आग्रह किया था। सीएम के आग्रह को गंभीरता से लेते हुए पुत्र के विवाह को टाल दिया है। टाक ने माना कि कोरोना की भयावह स्थिति को देखते हुए सामाजिक समारोह नहीं होने चाहिए।

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