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एक दंपती फिर जीवन की डगर पर, रहेंगे एक साथ 

एक दंपती फिर जीवन की डगर पर, रहेंगे एक साथ

राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी समझाइश से हुआ राजीनामा- गंगापुर सिटी
तालुका विधिक सेवा समिति के तत्वावधान में शनिवार को वर्ष की अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। इस मौके पर आपसी विवाद के चलते अलग-अलग रह रहे एक दंपती समझाइश के बाद फिर से साथ रहने को सहमत हुए। न्यायालय परिसर में लगी इस राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान समझाइश व राजीनामा से 238 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। एडीजे न्यायालय में चल रहा एक पारिवारिक विवाद और तलाक के प्रकरणों का निपटारा लोक अदालत में किया गया। दोनों पक्षों के बीच समझाइश के बाद दोनो ने फिर से साथ रहना स्वीकार किया और सुखमय जीवन जीने का वचन दिया।एडीजे रेखा चौधरी के निर्देशन में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायिक मजिस्ट्रेट पलाश मीना, न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय जया अग्रवाल, बार एसोसिएशन अध्यक्ष अनिल दुबे एपीपी मोहसीन खांन, नीरज तिवारी, दामोदर गर्ग सहित बड़ी संख्या में पक्षकार,अधिवक्ताओं, बैकों के अधिकारी, कार्मिक मौजूद थे।
238 प्रकरणों का निस्तारण
लोक अदालत में सभी न्यायालयों के लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए तीन अलग-अलग बैचों का गठन किया गया। दिनभर चली लोक अदालत के दौरान बैच संख्या एक (एडीजे) के द्वारा 46 प्रकरणों का निस्तारण करते हुए 9851501 रुपए  का विभिन्न पत्रावलियों में अवार्ड पारित किया गया। इसी प्रकार बैच संख्या दो के द्वारा न्यायालयअतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या एक गंगापुर के कुल 09 प्रकरणों का निस्तारण करते हुए 75000 रुपए का अवार्ड पारित किया। न्यायालय अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश संख्या दसो के 30 प्रकरणों का निस्तारण करते हुए 268240 रुपए का अवार्ड पारित किया। इसी प्रकार बैच संख्या 3 के द्वारा न्यायालय एसीजेएम कोर्ट के 64 प्रकरणों का निस्तारण करते हुए 25000 रुपए का अवार्ड पारित किया। न्यायालय सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट गंगापुर के 5 प्रकरणों का निस्तारण किया गया।तथा ग्राम न्यायालय के 30 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। साथ ही तालुका विधिक सेवा समिति के द्वारा 40 बैक प्रिलिटिगेशन तथा 13 बीएसएनएल प्रिलिटिगेशन प्रकरणों सहित एक अन्य प्रकरण का निस्तारण करते हुए कुल 2530076 रुपए का अवार्ड पारित किया गया। इस प्रकार सभी न्यायालयों में लंबित 184 एवं समिति के प्रि-लिटिगेशन के 54 प्रकरणों सहित 238 प्रकरणों का निस्तारण करते हुए एक करोड़ सत्ताइश लाख उनचास हजार आठ सौ सत्रह रुपए का अवार्ड पारित किया गया।

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