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दुर्गा और अंजू अपनी बेगुनाही के लिए पिछले सात सालों से संघर्ष कर रही हैं।

दुर्गा और अंजू अपनी बेगुनाही के लिए पिछले सात सालों से संघर्ष कर रही हैं।

दुर्गा और अंजू अपनी बेगुनाही के लिए पिछले सात सालों से संघर्ष कर रही हैं।
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नवरात्रि में इन दिनों घर घर में दुर्गा माता की पूजा हो रही है। घर की कन्याओं को माता का स्वरूप मानकर आरती और जयकारा किया जा रहा है। न्यूज़ चैनलों और अखबारों में सफल महिलाओं के गुणगान हो रहे हैं, लेकिन अजमेर के भोपो का बाड़ा निवासी दो बहनें दुर्गा राठौड़ और अंजू राठौड़ पिछले सात वर्ष से अपनी बेगुनाही के लिए संघर्ष कर रही हैं। लेकिन इन दोनों की सुनने वाला कोई नहीं है। दुर्गा और अंजू के भाई भवानी राठौड़ ने बताया कि वर्ष 2014 में उनके रिश्तेदार रावत सिंह ने सिविल लाइन थाने पर स्कूटी चोरी का मुकदमा दर्ज करवाया। इस मुकदमे में उसकी दोनों बहनों को मुल्जिम बनाया गया। कुछ दिनों बाद ही पुलिस ने स्कूल को जयपुर के मानसरोवर स्थित एक हॉस्टल से बरामद कर लिया। इसी हॉस्टल में शिकायतकर्ता की बेटी भी रहती है। शिप्रापथ थाने की कार्यवाही के बाद स्कूटी की सुपुर्दगी रावत सिंह ने अदालत से ले ली, लेकिन उनकी बहनों के विरुद्ध दर्ज मुकदमे का निस्तारण आज तक नहीं हो पाया है। इस बीच अंजू ने एमबीए और दुर्गा ने एलएलएम तक की पढ़ाई पूरी कर ली है। लेकिन इसे दुर्भाग्यपूर्ण ही कहा जाएगा कि अजमेर के सिविल लाइन पुलिस की नजर में मेरी बहनें आज भी स्कूटी चोरी की आरोपी है। पुलिस के सभी अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर निवेदन कर दिया है, लेकिन वर्ष 2014 में दर्ज प्रकरण का निस्तारण नहीं किया जा रहा है। मुझे अपनी बहनों का विवाह भी करना है, लेकिन पूरे परिवार के लिए सिविल लाइन थाने में दर्ज मुकदमा मुसीबत बना हुआ है। अजमेर के जिला पुलिस अधीक्षक जगदीश चंद्र शर्मा का महिलाओं खासकर पढ़ने वाली छात्राओं के प्रति बेहद संवेदनशील रवैया है। हमें उम्मीद है कि शर्मा के पुलिस अधीक्षक रहते मेरी दोनों बहनों पर लगा चोरी का आरोप खत्म हो जाएगा। इस पूरे प्रकरण के संबंध में और अधिक जानकारी मोबाइल नम्बर 9001029613 पर भवानी सिंह राठौड़ से ली जा सकती है।
अदालत के निर्देशों पर जांच:
वहीं सिविल लाइन थाना प्रभारी अरविंद चारण ने कहा कि अदालत के निर्देशों पर जांच हो रही है। पुलिस ने स्कूटी बरामद होने के बाद दो बार अपनी रिपोर्ट संबंधित न्यायालय में पेश की, लेकिन दोनों ही बार नए निर्देशों के साथ फाइल वापस आ गई चारण ने माना कि यह मामला दो बालिकाओं से जुड़ा है और इस मामले में पूरी संवेदनशीलता दिखाई जा रही है।

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