गर्मी शुरू होते ही अजमेर जिले में पेयजल की किल्लत

बीसलपुर बांध से रोजाना अजमेर के लिए 300 और जयपुर के लिए 600 एमएलडी पानी लिया जा रहा है।

अजमेर जिले में दो दिन में तथा जयपुर में प्रतिदिन पेयजल की सप्लाई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा बताएं कि अजमेर के साथ यह भेदभाव क्यों हो रहा है?

गर्मी शुरू होते ही अजमेर जिले में पेयजल की किल्लत। बीसलपुर बांध का जलस्तर 12 अप्रैल को 311 मीटर मापा गया।
==========
गर्मी शुरू होने के साथ ही अजमेर जिले में पेयजल की किल्लत शुरू हो गई है। अजमेर में पहले ही दो दिन में एक बार मात्र एक घंटे के लिए सप्लाई होती है, लेकिन अब गत 27 मार्च के बाद अधिकांश क्षेत्रों में 60 या 72 घंटों में सप्लाई हो रही है। इससे जिले भर में त्राहि-त्राहि मची हुई है। हालांकि लोगों के आरोपों को जलदाय विभाग के इंजीनियर नकारते हैं। ढाई या तीन दिन में एक बार पेयजल की सप्लाई के लिए बीसलपुर बांध से रोजाना 300 एमएलडी पानी लिया जा रहा है, जबकि जयपुर के लिए बांध से रोजाना 600 एमएलडी पानी लिया जाता है। जयपुर शहर और जिले में पाइप लाइन बिछाने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है, इसलिए बांध से और अधिक मात्रा में पानी लिया जाएगा। बीसलपुर बांध से पानी लेकर जयपुर में प्रतिदिन पेयजल की सप्लाई हो रही है। यानी जो बीसलपुर बांध अजमेर की प्यास बुझाने के लिए बना था, वह अब जयपुर के लिए जरूरी हो गया है। बांध से जयपुर को पेयजल सप्लाई हो, इस पर किसी को ऐतराज नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा को यह बताना चाहिए कि अजमेर के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है? क्यों अजमेर में दो तीन दिन में एक बार पानी की सप्लाई होती है? जब जयपुर में प्रतिदिन सप्लाई होती है तो अजमेर में क्यों नहीं? रघु शर्मा अजमेर के केकड़ी से कांग्रेस के विधायक हैं, लेकिन अपने जिले के साथ हो रहे भेदभाव पर रघु भी चुप हैं। यह माना कि भाजपा के शासन में भी अजमेर में दो-तीन दिन में एक बार पेयजल की सप्लाई होती थी, लेकिन अब कांग्रेस की सरकार है तो कांग्रेस से ही सवाल पूछा जाएगा। असल में राज भाजपा का हो या कांग्रेस का, दोनों में ही अजमेर का राजनीतिक नेतृत्व कमजोर साबित हुआ है। गत बार भाजपा के राज में अजमेर जिले से दो राज्य मंत्री और दो संसदीय सचिव थे। यानि अजमेर में चार विधायक सरकारी वाहन में घूमते थे, इतनी मजबूत स्थिति होने के बाद भी भाजपा शासन रोजाना पेयजल की सप्लाई नहीं हुई। अब माना जाता है कि रघु शर्मा की वजह से ही प्रदेश में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार चल रही है, लेकिन ढाई वर्ष गुजर जाने के बाद भी रघु शर्मा अजमेर में प्रतिदिन पेयजल की सप्लाई नहीं करवा सके हैं। रघु शर्मा को कम से कम अजमेर के साथ भेदभाव का सवाल है तो बांध में पानी की कोई कमी नहीं है। जलदाय विभाग के इंजीनियरों का अनुमान है कि मौजूदा जलस्तर से फरवरी 2022 तक काम चलाया जा सकता है। इस वर्ष जुलाई के बाद जो बरसात आएगी उससे बांध में और पानी आ जाएगा। 12 अप्रैल को बांध का जल स्तर 311.03 मीटर मापा गया। बांध की भराव क्षमता 315.50 मीटर है, जबकि बांध से 295 मीटर जल स्तर तक पानी लिया जा सकता है। इंजीनियरों का मानना है कि इस गर्मी में बांध में पानी की कमी नहीं रहेगी।