fbpx
मंगलवार , सितम्बर 21 2021
Breaking News
Phone Panchayat

प्रशासन की नाकामी,कालाबाजारी का गोरखधंधा शुरू

कालाबाजारी का गोरखधंधा शुरू
महेंद्र शर्मा
वजीरपुर, कस्बे में सोम और मंगलवार को किराने के दुकानदारों ने दैनिक उपयोग की सामग्री के साथ गुटखा व बीड़ी पर काला बाजारी का गोरखधंधा शुरू कर दिया। जिससे उपभोक्ताओं को अधिक मूल्य देकर सामग्री खरीदनी पड़ती है। दुकानदार कालाबाजारी के कारण कभी दुकान बंद तो कभी कुछ खोलकर लोगों को अधिक मूल्य लेकर सामान द्वारा रहे हैं। वतासे साठ रूपये, चीनी चालीस से पैतालीस, दाल एक सौ से उपर देकर अपना घर बना है। वही बीड़ी गुटखा की रेट दुगनी और ढाईगुना कर बिक्री करते है। वही दुकानों पर कोई सोशल डिस्टेंस और सेनेटाईजर का पालन नही हो रहा है।

हमें Support करें।

हमें इस पोर्टल को चलाये रखने और आपकी आवाज को प्रशासन तक पहुंचने के लिए आपकी सहायता की जरुरत होती है। इस न्यूज़ पोर्टल को लगातार चलाये रखने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करके हमें सब्सक्राइब कर हमें योगदान करें ताकि हम आपके लिए आवाज उठा सकें।

Subscribe
Phone Panchayat

Check Also

कलेक्टर ने रबी के लिये किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध करवाने के दिये निर्देश

कलेक्टर ने रबी के लिये किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध करवाने के दिये निर्देश

कलेक्टर ने रबी के लिये किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध करवाने के दिये निर्देश सवाई …

3 comments

  1. संपादक महोदय प्रणाम,

    आपकी पोस्ट में कालाबाजारी को द्रढता से वाजिब उठाया गया। लोग कोई भी मौका मिलें बस पैसा ऐंठना जानते हैं। बहरहाल अगर आप ऐसा लिखें “कालाबाजारी की धांधली” उचित वाक्य है ।”गोरख-धंधा” शब्द अनुचित है ।

    भगवान शिव महायोगी स्वरूप में भगवान “गुरु गोरखनाथ” होते हैं।भगवान गुरु शिव के पवित्र कल्याणकारी नाम गुरू “गोरख” के नाम को किसी अनैतिक धंधे से जोडने से लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है। और शिव तो सदैव कल्याणकारी हैं ।

    गोरख-धंधा शब्द अनुचित है और एक निम्न श्रेणी की उपहासात्मक अपमानजनक गरिमाहीन अभद्र संज्ञा है जो प्रयोग में नहीं होनी चाहिए कृप्या इस संवेदनशील पहलू का भी संज्ञान लें ।

    कुछ शब्द हैं जो आप प्रचुरता से प्रयोग कर सकते हैं जैसे अवैध धंधा /अनैतिक धंधा /गडबडझाला /गडबडघोटाला /ठगधंधा /जालसाजी /फर्जीवाड़ा /धांधली इत्यादि

    सुझाव है अगर आप इसे ठीक कर लें और रिपोर्टिंग टीम को इस पहलू की ओर भविष्य में भी सचेत कर प्रयोग से बचें तो आपके दर्शक भी भावनात्मक रूप से जुडाव महसूस करेंगे आपकी ज्वलंत पत्रकारिता उम्दा ही प्रतीत होगी।

    अलख निरंजन!!

  2. Editor Saab Thanks, For this kind gesture.

    We await for the same.

    Alakh Niranjan!

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com