टोंक के सआदत अस्पताल की दुर्दशा पर पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने नाराजगी जताई। कलेक्टर चिन्मयी गोपाल को दिए अस्पताल की व्यवस्था सुधार के निर्देश दिए।

टोंक के सआदत अस्पताल की दुर्दशा पर पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने नाराजगी जताई। कलेक्टर चिन्मयी गोपाल को दिए अस्पताल की व्यवस्था सुधार के निर्देश दिए।

टोंक के सआदत अस्पताल की दुर्दशा पर पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने नाराजगी जताई।
कलेक्टर चिन्मयी गोपाल को दिए अस्पताल की व्यवस्था सुधार के निर्देश दिए।
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राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट 11 व 12 अक्टूबर को अपने निर्वाचन क्षेत्र टोंक के दौरे पर रहे। पायलट ने प्रशासन शहरों के संग अभियान के शिविरों में पट्टे बांटे और 12 अक्टूबर को सुबह अचानक टोंक के सरकारी सआदत अस्पताल का निरीक्षण किया। अचानक हुए इस निरीक्षण से सरकारी अस्पताल की दुर्दशा उजागर हो गई। पायलट जब अस्पताल पहुंचे तो अधिकांश डॉक्टर और चिकित्सा कर्मी अनुपस्थित थे। अस्पताल में जगह जगह गंदगी बिखरी हुई थी। निरीक्षण के बाद पायलट ने मीडिया से कहा कि सरकारी अस्पताल में गरीब वर्ग का व्यक्ति इलाज के लिए आता है। यदि गरीब को इलाज नहीं मिले तो उसे मायूस होना पड़ता है। पायलट ने कहा कि उन्हें निरीक्षण के दौरान अनेक कमियां और खामियां नजर आई हैं। अस्पताल के कामकाज में सुधार की बहुत गुंजाइश है। मैंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द अस्पताल की खामियों को दूर किया जाए। पायलट के आकस्मिक निरीक्षण के समय टोंक की कलेक्टर चिन्मयी गोपाल भी साथ थी। कलेक्टर ने पायलट को भरोसा दिलाया कि अस्पताल की खामियों को जल्द से जल्द दूर किया जाएगा।
मोदी सरकार किसान विरोधी:
दो दिवसीय दौरे में पायलट ने केंद्र की मोदी सरकार को किसान विरोधी बताया। पायलट ने कहा कि किसानों के लंबे विरोध के बाद भी तीन कृषि कानूनों को रद्द नहीं किया जा रहा है। इससे जाहिर होता है कि मोदी सरकार किसान आंदोलन की परवाह नहीं कर रही है। पायलट ने कहा कि तेल कीमतों में लगातार वृद्धि होने से बाजार में महंगाई भी बढ़ गई है।

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