डिजिटल तकनीक से आमजन को समय पर न्याय मिलने में मदद मिलेगी : केंद्रीय कानून मंत्री श्री किरण रिजिजू

पेपर लेस कार्य को बढ़ावा देने के साथ-साथ न्याय कार्यो में पारदर्शिता लाने के लिए विधि एवं न्याय मंत्रालय भी अपनी कार्य प्रणाली में डिजिटल मॉडल अपनाने की ओर बढ़ रहा है। इमर्जिंग लीगल इश्यूज-2022 विषय पर आयोजित दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस के उदघाटन  समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री श्री किरण रिजिजू ने यह बात कही। उन्होनें कहा कि देश में अदालतों को डिजिटल किया जा रहा है उससे देश के लोगों को अपनें केस के बारे में जानकारी हासिल करनें में सुविधा मिलेगी और उन्हे समय पर न्याय मिल सकेगा।

 

 

केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री ने कहा कि देश के सभी हाईकोर्ट में एडिशनल सोलिसिटर जनरल ऑफ इण्डिया लगाए जाएंगें ताकि भारत सरकार के मामलों की प्रभावी पैरवी हो सके। उन्होनें कहा कि न्यायिक सिटम को रिलुक करनें का समय आ गया है। हाईकोर्ट और लोअर कोर्ट में आधारभूत सुविधा बढानें के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहें है। उन्होंने कहा कि कोलेजियम सिस्टम पर विचार करनें की जरूरत है ताकि नियुक्तियों में तेजी ला सकें। उन्होनें कहा कि देश में अनेक एकेडमी बनी हुई है उसी दिशा मे हम लॉ एकेडमी बनाने का काम कर रहें हैं। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री ने कहा कि देश में कानून मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा और लोगों को समय पर न्याय मिल सकेगा। उन्होनें कहा कि देश में चार करोड़ अस्सी लाख पेन्डिंग कैस हैं उन्हे कम करनें के लिए न्याय प्रणाली को प्रभावी ढंग से काम करनें की आवश्यकता है। उन्होनें देश में जजों की भर्ती एवं चयन के बारे में कहा कि सरकार इस दिशा में कार्य कर रही है। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री श्री किरण रिजिजू ने कहा कि आज के समय में हम सोशल मीडिया की टिप्पणी से बच नहीं सकते इस बारें में चीफ न्यायाधीश भारत नें भी विधि एवं न्याय मन्त्रालय को पत्र लिखा है। उन्होनें कहा कि इससे बचनें के लिए ठोस कदम उठाने के लिए सरकार और न्यायपालिका को मिलकर कार्य करनें की आवश्यकता है।

यह भी पढ़ें :   श्रीमती मीनाक्षी लेखी ने आजादी का अमृत महोत्सव के तहत आज एक बाइक अभियान की शुरुआत की

 

 

विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए प्रो. एसपी बघेल, केन्द्रीय राज्यमंत्री, विधि एवं न्याय ने कहा की इस कॉन्फ्रेंस में वैचारिक मंथन होगा जिससे अमृत जरूर निकलेगा और उससे प्रजातन्त्र मजबूत होगा और साथ ही हमारे चारों स्तम्भ भी मजबूत होंगें। केन्द्रीय राज्यमंत्री विधि एवं न्याय ने कहा की दुनिया के कई देश भारत के प्रजातन्त्र को पुराना कहकर पुकारते हैं इस पर उन्होनें कहा कि भारत के लोकतन्त्र के जरिए ही हमने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देकर देश के सर्वोच्च पद महिलाओं को राष्ट्रपति के पद से नवाजा है। उन्होनें इस अवसर पर अदालतों में लम्बित केस होनें के क्या कारण हैं इस पर विचार करनें और उन्हे कैसे कम किया जावे इस दिशा में काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

यह भी पढ़ें :   आयकर विभाग ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में छापामारी की

यूनियन ऑफ इंडिया एडवोकेट्स कांफ्रेंस (वेस्ट जोन) की कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में उच्चतम न्यायलय के न्यायाधीश अजय रस्तोगी, राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एम एम श्रीवास्तव, गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश श्री अरविंद कुमार व सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी अपने विचार व्यक्त किए ।

यूनियन ऑफ इंडिया काउंसिल वेस्ट जोन की ओर से केन्द्र सरकार के एडवोकेट की दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा और मध्यप्रदेश के 300 से ज्यादा केन्द्र सरकार की सभी एजेंसियों और विभागों के गर्वमेंट काउंसिल शिरकत कर रहे हैं। उद्घाटन समारोह का शुभारंभ उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विशेष संदेश के साथ किया गया।

***

एसएस

 

यह भी देखें :   Gangapur City : 2 बाइक आपस में टकराई, दोनों सवारों को पहुंचाया राजकीय चिकित्सालय | G News Portal

अपना सहयोग अवश्य दें।

हमें आपके सहयोग की आवश्यकता है, अपना छोटा सा सहयोग देकर हमें आगे बढ़ने में सहायता प्रदान करें।

क्लिक करें