दिल्ली में अब नहीं रहेगा वीकेंड कफ्र्यू। राजस्थान में भी हटना चाहिए वीकेंड कर्फ्यू ।

दिल्ली में अब नहीं रहेगा वीकेंड कफ्र्यू। राजस्थान में भी हटना चाहिए वीकेंड कर्फ्यू ।
रविवार को सिफ बाजार बंद रहने से कोई मकसद हल नहीं हो रहा।
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रदेश भर में कक्षा एक से 12वीं तक के स्कूल खोलने का निर्णय लिया है। इसी प्रकार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में वीकेंड कर्फ्यू हटाने की सिफारिश उपराज्यपाल को कर दी है। अन्य राज्य भी पाबंदियों को हटा रहे हैं। सभी राज्य कोरोना संक्रमण की स्थिति का अध्ययन कर आम लोगों को राहत दे रहे हैं। हालांकि पूरे देश में अभी कोरोना संक्रमण के केस आ रहे हैं, लेकिन तीसरी लहर में संक्रमित व्यक्तियों को अस्पताल में भर्ती नहीं होना पड़ रहा है। यानी संक्रमित व्यक्ति अपने घर पर ही क्वारंटाइन होकर स्वस्थ हो रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह वैक्सीनेशन के कारण है। देश में वैक्सीन की 150 करोड़ डोज लग चुकी है। इस स्थिति को देखे हुए राज्यों के मुख्यमंत्री पाबंदियों को हटा रहे हैं। राजस्थान में भी 20 जनवरी को ग्रामीण क्षेत्रों से वीकेंड कर्फ्यू समाप्त कर दिया गया तथा विवाह समारोह में भी मेहमानों की संख्या 50 से बढ़ाकर 100 कर दी गई है। लेकिन अभी शहरी क्षेत्रों में रविवार के दिन कर्फ्यू को लागू रखा गया है। सरकार ने रविवार के कर्फ्यू में भी फल-सब्जी से लेकर पेट्रोल पंप तक को छूट दे रखी है। यानी कर्फ्यू के नाम पर सिर्फ बाजार बंद रखे जा रहे हैं, इससे छोटे कारोबारियों को भारी परेशानी हो रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि पाबंदियों का खामियाजा सिर्फ शहरी क्षेत्र के दुकानदार ही उठा रहे हैं। रविवार को बाजार बंद रखने से संक्रमण नियंत्रण का कोई मकसद भी पूरा नहीं हो रहा है। जब कर्फ्यू के दौरान आवागमन है तो फिर बाजार बंद क्यों करवाए जा रहे हैं? रविवार के दिन बाजार बंद होने से दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। इन दिनों शादी-ब्याह का सीजन चल रहा है, ऐसे में बाजारों में खरीददारी बढ़ी हुई है। प्रदेश के लाखों दुकानदार चाहते हैं कि रविवार को का कर्फ्यू तुरंत प्रभाव से समाप्त किया जाए। दुकानदारों का कहना है कि जब ट्रेन और रोडवेज की बसें क्षमता के अनुरूप चल रही है, तब सिर्फ दुकानों को बंद रखने का कोई मतलब नहीं है। कोरोना काल में व्यापारियों के सामने पहले ही अनेक समस्याएं हैं। ऐसे में रविवार के दिन बाजार बंद होने से परेशानियां और बढ़ रही हैं। दिल्ली की तरह राजस्थान में भी वीकेंड कर्फ्यू को समाप्त करना चाहिए।